कंपनी ने साल 2020 में ब्राजील की वायुसेना के लिए ग्रिपेन एफ के नाम से दो सीटर लड़ाकू विमान भी बनाए हैं। स्वीडिश कंपनी ने कहा है कि वह भारत को सिंगल सीटर और डबल सीटर दोनों तरह के लड़ाकू विमान ऑफर कर रही है।
भारतीय वायुसेना 114 लड़ाकू विमानों की खरीद कर सकती है। 18 बिलियन डॉलर की इस बड़ी डील को पाने के लिए दुनिया के कई देश अपनी-अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। अब स्वीडन ने भी अपने फाइटर जेट को सबसे खास बताते हुए भारत से इनको खरीदने का ऑफर दिया है। बता दें कि स्वीडन की रक्षा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी SAAB ने गुरुवार को दावा किया है कि भारतीय वायु सेना के लिए उनके बनाए फाइटर जेट ग्रिपेन सबसे बढ़िया विकल्प है।
विज्ञापन
SAAB द्वारा विकसित ग्रिपेन ई, एक सीट वाला, साढ़े चार पीढ़ी का एयरक्राफ्ट है, जो कि लॉकहीड मार्टिन के एफ-21, बोइंग के एफ/ए-18, दसाल्ट एविएशन के राफेल और यूरोफाइटर टाइफून और रूस के मिग-35 का प्रतिस्पर्धी है। कंपनी ने साल 2020 में ब्राजील की वायुसेना के लिए ग्रिपेन एफ के नाम से दो सीटर लड़ाकू विमान भी बनाए हैं। स्वीडिश कंपनी ने कहा है कि वह भारत को सिंगल सीटर और डबल सीटर दोनों तरह के लड़ाकू विमान ऑफर कर रही है।
कंपनी के भारतीय बिजनेस के एमडी मैट्स पाल्मबर्ग ने बताया कि ग्रिपेन ई की क्षमता अद्भुत है और यह आधुनिक युद्धक क्षमताओं, बेहतरीन सेंसर फ्यूजन, बियोंड विजुअल रेंज फीचर और नई चुनौतियों को आत्मसात करने की क्षमताओं के चलते अन्य फाइटर जेट से कई दशक आगे है। पाल्मबर्ग ने इसे गेम चेंजर बताया और भारतीय वायुसेना के लिए सबसे अच्छा विकल्प भी बताया। स्वीडन की कंपनी ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और व्यापक इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप की भी पेशकश की है।
विज्ञापन
बता दें कि भारतीय वायुसेना ने अप्रैल 2019 में 114 फाइटर जेट की खरीद के लिए रिक्वेस्ट फॉर इंफोर्मेशन का शुरुआती टेंडर जारी किया था। यह डील 18 बिलियन डॉलर की होगी और दुनिया की सबसे बड़ी हथियारों की डील में से एक होगी। कंपनी आगामी बेंगलुरू एयर शो में भी अपने फाइटर जेट का प्रदर्शन करेगी।