सूखे और राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए महाराष्ट्र के लातूर से करीब 15 दिन पहले शुरू हुई हल जल पदयात्रा का मंगलवार को जिले में समापन हुआ। इस दौरान हुई सभा में स्वराज अभियान के संयोजक डा. योगेंद्र यादव ने बताया कि देश के 54 करोड़ लोग सूखे से प्रभावित हैं।
बुंदेलखंड में सिर्फ पानी का ही संकट नहीं, अनाज व पशुओं के चारे-पानी की भी समस्या है। सूखे के हालात में सरकारें खो-खो खेल रही हैं। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में सूखे का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा और हालात पर नजर रखने के लिए गांवों में समितियां बनाई जाएंगी।
स्वराज अभियान की हल जल पदयात्रा जिले में चार दिन घूमी। संयोजक डा. योगेंद्र यादव की अगुवाई में मध्य प्रदेश के टीकमगढ़, छतरपुर व जिले के कुलपहाड़ होते हुए यात्रा महोबा पहुंची। तहसील परिसर में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि भूख-प्यास से पशु मर रहे हैं। किसानों तक पर्याप्त खाद्यान्न नहीं पहुंच रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रदेश सरकार अमल नहीं कर रही है। राशन वितरण व्यवस्था कोटेदारों की भेंट चढ़ रही है। मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों का भुगतान समय से नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पदयात्रा के दौरान गांवों के जैसे हालात देखे, उससे किसी की भी रूह कांप जाए, फिर भी केंद्र व प्रदेश सरकार इस ओर से आंखें मूंदे हैं। उन्होंने कहा कि स्वराज अभियान के तहत बुंदेलखंड की लड़ाई लड़ी जाएगी।
स्वराज अभियान की अध्यक्ष अर्चना ने कहा कि बुंदेलों को अपने हक के लिए जागरूक होना होगा। घर बैठे उन्हें न्याय मिलने वाला नहीं। हक के लिए आवाज बुलंद करनी होगी। इस मौके पर पवन राजावत, अरविंद सिंह, भगवान सिंह, संजय सिंह, राम स्वरूप यादव, समाजसेवी शिवकुमार गोस्वामी के अलावा सैकड़ा किसान व महिलाएं मौजूद रहे।
समापन पर पहुंचे डीएम वीरेश्वर सिंह ने बताया कि सूखे में राहत कार्य चलाए जा रहे हैं। विद्यालयों में एमडीएम व ग्रामीणों को अनाज बांटा जा रहा है। उन्होंने किसानों की समस्याओं के निस्तारण का भरोसा दिया।