डॉ. भीमराव अंबेडकर पर प्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री आजम खां की आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए भाजपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि अक्ल से पैदल नेताओं से और क्या उम्मीद कर सकते हैं।
बोले- आजम खां को जान लेना चाहिए कि बाबा साहेब की प्रतिमा की उंगली पार्लियामेंट की ओर इशारा कर रही है, वह कमजोर तबकों को बताना चाहते हैं कि अगर छूआछूत दूर करना चाहते हो तो केंद्र में अपनी सरकार बनाओ लेकिन आजम खां ने अपने अंदाज में उसकी व्याख्या इसलिए की है क्योंकि जमीनों पर कब्जे का सपा का हिडिन एजेंडा है।
सपा का नारा है- खाली प्लाट हमारा है। ऐसी ओछी मानसिकता उसके नेता भी रखते हैं। मंगलवार को पीलीभीत बाईपास स्थित मौर्य बरातघर में आयोजित लोकतांत्रिक बहुजन मंच के मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती के साथ ही प्रदेश की सपा सरकार पर भी निशाना साधा।
मायावती पर भी बोला हमला
स्वामी प्रसाद मौर्या
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कहा कि कांशीराम ने बसपा की स्थापना ‘जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी’ के नारे के साथ की थी लेकिन मायावती को तो थैली वालों से प्यार है। वह दलितों और पिछड़ों का सौदा करके टिकट बेचती हैं। उन्होंने कहा कि 21 सितंबर को लखनऊ के रमाबाई मैदान में लोकतांत्रिक बहुजनमंच की महारैली में मायावती का भ्रम तोड़ा जाएगा।
उस रैली के बाद बसपा खत्म हो जाएगी। मौर्य ने कहा कि सपा गुंडो और माफियाओं की पार्टी है। इसकी सरकार में बलात्कार, लूट, डकैती, हत्या जैसी घटनाएं खुलेआम हो रही हैं लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रोक नहीं पा रहे हैं। प्रदेश में अबकी भाजपा की सरकार पूर्ण बहुमत से बननी तय है।
सम्मेलन में पूर्व मंत्री भगवती सागर ने भी विचार रखे। बहोरन लाल मौर्य और डॉ. एमएल मौर्य, सुधीर मौर्य, दुर्विजय सिंह शाक्य, ब्रजपाल शाक्य, नन्हेंलाल गंगवार, राममूर्ति मौर्य आदि ने पगड़ी पहनाकर और तलवार भेंट करके स्वागत किया।