भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यन पर एक बार फिर हमला बोला है और उनके पद पर बने रहने को ‘सहनशीलता’ करार दिया है। स्वामी ने ट्वीट किया, ‘अरविंद एस ने नमो को मामूली नेता बताया था, उन्हें दंगों का उस्ताद बताया और जिन्होंने अमेरिका से डब्ल्यूटीओ में भारत को दवा कंपनियों के बाजार पर घेरने के लिए कहा था, वह सीईए हैं। सहनशीलता ही तो है।’
हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक के नए गवर्नर के तौर पर केन्या में जन्मे उर्जित पटेल की नियुक्ति को उनका समर्थन मिलने से कई लोग चकित हैं क्योंकि स्वामी ने निवर्तमान गवर्नर रघुराम राजन के बारे में कहा था कि वह आईएमएफ के अर्थशास्त्री रहे हैं, मानसिक रूप से पूर्ण भारतीय नहीं हैं तथा अमेरिकी ग्रीन कार्ड रखते हैं।
राजन के दूसरा कार्यकाल संभालने से इनकार करने के बाद स्वामी ने जून में अपने हमले का नया निशाना अरविंद सुब्रमण्यन को बनाया और उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। स्वामी का आरोप था कि वित्त मंत्रालय के साथ जुड़ने से पहले वह वाशिंगटन में जब आईएमएफ के अर्थशास्त्री थे तो उनका भारत विरोधी रुख रहता था।