दो अक्टूबर को स्वच्छ भारत अभियान के पांच वर्ष पूरे हो गए हैं, जोकि वर्तमान सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है। हालांकि देश ने स्वच्छता के जनक और लोगों में स्वच्छता की चेतना जगाने वाले संत गाडगे को इस अभियान में भुला दिया गया है। संत गाडगे का अनुसरण करने वाली संस्था अंतर्राष्ट्रीय सहयोग संगठन ने आज यहां राजधानी में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करते हुए सरकार से संत गाडगे को उचित सम्मान दिए जाने की मांग की।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय रजक ने राष्ट्र पिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आरंभ किया। अजय रजक ने इस अवसर पर एक मांग पत्र भी संस्था की ओर से सरकार को प्रेषित करने की बात कही, जिसमें स्वच्छता के जनक संत गाडगे का नाम स्वच्छता अभियान से जोड़ने के लिए कहा गया।
रजक ने कहा कि भारतीय इतिहास में संत गाडगे पहले व्यक्ति थे जिन्होंनें न सिर्फ व्यापक स्तर पर लोगों को स्वच्छ भारत के लिए जागरूक किया, बल्कि स्वयं का पूरा जीवन स्वच्छता को समर्पित कर दिया। वह जिस भी स्थान या गांव में जागरुकता के लिए जाते थे, वहां पहले स्वयं साफ-सफाई करते थे। यही संदेश उन्होंने लोगों को भी दिया कि बिना सरकारी अमले या किसी और से मदद की अपेक्षा किए अपने आसपास के वातावरण को साफ रखा जाए। गाडगे बाबा की ये और ऐसी कई खूबियों के कारण बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर उन्हें अपना गुरू मानते थे।
इस अवसर पर संस्थाा ने सरकार से मांग की कि जिस तरह महाराष्ट्र सरकार प्रत्येक वर्ष संत गाडगे के नाम पर स्वच्छता अवार्ड प्रदान करती है, उसी तरह केन्द्र सरकार भी संत गाडगे के नाम पर स्वच्छता सम्मान को शुरू करे। यही नहीं, संत गाडगे के नाम पर एक दिन के राष्ट्रीय अवकाश की मांग भी संस्था ने रखी।