पश्चिम बंगाल में लाखों हलफनामों और संगठनात्मक दस्तावेजों से भरे ट्रक को हाईजैक करने की कथित कोशिश पर विवाद बढ़ गया है। ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के गुट पर आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने पर मामले की जांच सीआईडी को सौंपी जाएगी।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि अगर विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी, संगठनात्मक दस्तावेजों और हलफनामों को ले जा रहे एक वाहन को लूटने की कथित कोशिश के मामले में एफआईआर दर्ज कराते हैं, तो राज्य सरकार इसकी जांच सीआईडी को सौंप देगी।
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बनर्जी ने क्या आरोप लगाए?
'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' के बागी गुट का नेतृत्व कर रहे बनर्जी ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में जमा कराने के लिए ले जाए जा रहे दस्तावेजों और लाखों हलफनामों से भरे एक ट्रक को हाईजैक करने की कोशिश की गई। उन्होंने दावा किया कि ये दस्तावेज 'तृणमूल कांग्रेस' के आधिकारिक नाम और चुनाव चिह्न पर उनके गुट के दावे को मजबूत करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण थे।
बनर्जी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले विरोधी गुट पर आरोप लगाया कि उन्होंने ही इन दस्तावेजों को चुनाव आयोग तक पहुंचने से रोकने के लिए यह साजिश रची थी। वरिष्ठ टीएमसी नेता डोला सेन ने इन दावों को बेबुनियाद बताकर खारिज कर दिया।
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मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
विधानसभा में इस मुद्दे पर जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा, 'इस तरह की कोई भी घटना (दस्तावेजों को लूटने की कोशिश) स्वीकार्य नहीं है। आप (ऋतब्रत) एफआईआर दर्ज कराएं। उसके बाद हम इस मामले (दस्तावेजों को छीनने या हाईजैक करने) की जांच सीआईडी को सौंप देंगे।'