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West Bengal Cabinet: मतुआ से लेकर आदिवासी नेता तक बने शुभेंदु कैबिनेट का हिस्सा, जानें इन सभी के बारे में

Sat, 09 May 2026 11:31 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला

सार

पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार बनी है। इसी के साथ राज्य में पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के तौर पर शुभेंदु अधिकारी ने शपथ ली। उनके साथ पांच और नेताओं ने इस शपथग्रहण में मंत्री पद की शपथ ली। 
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शुभेंदु कैबिनेट के चेहरे। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नतीजे आने के बाद अब राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बन गई है। शुभेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही वे राज्य में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनके साथ पांच और भाजपा नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। 
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आइये जानते हैं शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट के बारे में...

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1. अग्निमित्रा पॉल?

राजनीतिक भूमिका: वह पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। उन्हें कैबिनेट में अहम भूमिका मिलनी तय मानी जा रही है। वे कायस्थ हैं, जो कि बंगाल में भाजपा का एक अहम वोटर बेस माना जाता है। 



चुनावी प्रदर्शन: उन्होंने आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से जीत दर्ज की है, जहां उन्होंने तृणमूल कांग्रेस तापस बनर्जी को 40,839 वोटों के बड़े अंतर से हराया।



पृष्ठभूमि: राजनीति में आने से पहले वह एक फैशन डिजाइनर थीं। उनकी शैक्षिक योग्यता में बॉटनी (ऑनर्स) में बी.एससी, फैशन टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा और एमबीए की डिग्री शामिल है।

अन्य जानकारी: उन पर गैरकानूनी रूप से जमा होने और हिंसक विरोध प्रदर्शन से जुड़े 23 आपराधिक मामले लंबित हैं, हालांकि अभी तक उन्हें किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।

 

2. दिलीप घोष

राजनीतिक भूमिका: दिलीप घोष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक रहे हैं। पश्चिम बंगाल में भाजपा को एक मजबूत राजनीतिक ताकत बनाने और राज्य के आदिवासी क्षेत्रों व बूथ स्तर तक पार्टी का जमीनी नेटवर्क खड़ा करने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है। वे खुद एक ओबीसी नेता हैं, जो कि राज्य के पिछड़ा समुदाय को भाजपा के साथ जोड़ने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

नेतृत्व और सफलता: उन्होंने 2015 से 2021 तक बंगाल भाजपा अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 2016 में उन्होंने खड़गपुर सदर विधानसभा सीट जीती और 2019 में मेदिनीपुर से लोकसभा चुनाव जीता था। बंगाल की सड़कों पर उनका चाय पे चर्चा अभियान काफी मशहूर हुआ था।



हालिया चुनाव: 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने अपनी पुरानी सीट की जगह बर्दवान-दुर्गापुर से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें टीएमसी के कीर्ति आजाद से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्हें खड़गपुर सदर सीट से उम्मीदवार बनाया गया, जहां से उन्होंने टीएमसी को पटखनी दी।

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3. निशिथ प्रमाणिक

राजनीतिक भूमिका: वह कूचबिहार क्षेत्र के एक प्रमुख नेता हैं, जिन्होंने 2021 से 2024 तक मोदी सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया। वे राजवंशी समुदाय से आते हैं। 

उपलब्धि: 2021 में कैबिनेट फेरबदल के दौरान 35 वर्ष की आयु में वह केंद्रीय मंत्रिमंडल के सबसे कम उम्र के मंत्री बने थे। 

चुनावी सफर: वह 2019 से 2024 तक कूचबिहार से लोकसभा सांसद रहे। वह पश्चिम बंगाल विधानसभा के सदस्य भी रहे हैं। जहां 2021 में उन्होंने दिनहाटा से चुनाव जीता था। वहीं, 2026 में माथाभांगा से चुनाव जीते। 



पृष्ठभूमि व विवाद: मार्च 2019 में भाजपा में शामिल होने से पहले वह तृणमूल कांग्रेस के सदस्य थे। 2021 में विपक्ष ने उनकी राष्ट्रीयता को लेकर आरोप लगाया था कि वह बांग्लादेशी नागरिक हैं, जिसे सत्ता पक्ष ने पूरी तरह निराधार बताया था।

4. अशोक कीर्तानिया

चुनावी प्रदर्शन: 2026 के चुनाव में उन्होंने उत्तर 24 परगना जिले की बनगांव उत्तर अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षित सीट से तृणमूल कांग्रेस के विश्वजीत दास को हराकर जीत दर्ज की है। इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने इसी सीट से टीएमसी के श्यामल रॉय को 10,488 वोटों से हराकर जीत हासिल की थी। 

पृष्ठभूमि और संपत्ति: 52 वर्षीय अशोक कीर्तानिया पेशे से एक राजनेता और व्यवसायी हैं। उन्होंने 1993-94 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से कला में बीए किया है। उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 4 करोड़ रुपये (4,03,81,819 रुपये) से अधिक है। वे मतुआ समुदाय से आने वाले एक प्रभावशाली नेता हैं।



आपराधिक रिकॉर्ड: उनके खिलाफ 3 आपराधिक मामले लंबित हैं। इन मामलों में हत्या का प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। हालांकि, उन्हें अब तक किसी भी मामले में दोषी नहीं ठहराया गया है।
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5. क्षुदीराम टुडु

चुनावी प्रदर्शन: भाजपा के आदिवासी नेता 2026 के विधानसभा चुनावों में वह बांकुड़ा जिले की रानीबंध अनुसूचित जनजाति (एसटी) आरक्षित सीट से विजेता रहे हैं।



पृष्ठभूमि और संपत्ति: 55 वर्षीय क्षुदीराम टुडु पेशे से एक राज्य सरकार द्वारा सहायता प्राप्त स्कूल में शिक्षक हैं। उन्होंने 1994 में विद्यासागर विश्वविद्यालय से बीए. और 2000 में बर्दवान विश्वविद्यालय से बीएड किया। उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 23 लाख रुपये है। उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।


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