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Bengal: शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, कहा- सीईसी ज्ञानेश कुमार पर CM ममता ने लगाए बेबुनियाद आरोप

Fri, 28 Feb 2025 05:54 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

Bengal: शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र, कहा- सीईसी ज्ञानेश कुमार पर CM ममता ने लगाए बेबुनियाद आरोप
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शुभेंदु अधिकारी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार की ईमानदारी पर सवाल उठाया है और उन्होंने इस मामले पर चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। भाजपा नेता ने कहा, बनर्जी ने राज्य में सभी सांविधानिक निकायों को निष्क्रिय कर दिया है और अब सीईसी की नियुक्ति पर सवाल उठा रही हैं, जो पारदर्शी तरीके से की गई है। 

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राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को एक अन्य पत्र सौंपने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिकारी ने दावा किया कि बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कुमार की ईमानदारी पर सवाल उठाया है। बनर्जी ने सीईसी के रूप में ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति पर चिंता जताते हुए गुरुवार को आरोप लगाया था कि भाजपा सांविधानिक निकाय पर प्रभाव डालने का प्रयास कर रही है। 

ममता को चुनाव अधिकारी का जवाब, दलों की भागीदारी से ही अपडेट होती है वोटर लिस्ट
 पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने कहा कि मतदाता सूची को अपडेट करने का काम राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलओ) की सक्रिय भागीदारी से ही किया जा रहा है। ममता ने कहा था कि भाजपा चुनाव आयोग की मदद से मतदाता सूची में फर्जी मतदाताओं को जोड़ रही है।
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सीईओ ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी आपत्ति को पश्चिम बंगाल में बीएलओ, एईआरओ (सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) और ईआरओ (निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी) के पास भेजा जाना चाहिए। पश्चिम बंगाल के सीईओ ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, आरपी अधिनियम 1950, मतदाता पंजीकरण नियम 1960 और मतदाता सूची मैनुअल के अनुसार, किसी भी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में संबंधित बीएलओ, एईआरओ, ईआरओ, डीईओ और सीईओ मतदाता सूची के अद्यतन के लिए काम करते हैं। 

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने क्या कहा था
यहां नेताजी इंडोर स्टेडियम में तृणमूल कांग्रेस के राज्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए बनर्जी ने भाजपा पर चुनाव आयोग के कथित समर्थन से अन्य राज्यों के फर्जी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने दिल्ली और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के लिए भी इसी तरह की रणनीति अपनाई थी।

ममता बनर्जी ने लगाए निराधार आरोप: शुभेंदु अधिकारी
अधिकारी ने कहा कि प्रभारी मुख्य चुनाव अधिकारी के समक्ष यह मांग भी रखी गई है कि जिलों में सभी वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक डिजिटल कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाए और उन्हें आश्वस्त किया जाए कि वे बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त रिटर्निंग अधिकारियों और अन्य चुनाव अधिकारियों की ईमानदारी के बारे में निराधार आरोप लगाए हैं।

'निडरता और ईमानदारी से काम करें सभी अधिकारी'
विपक्ष के नेता ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से संबंधित मामलों में चुनाव आयोग सर्वोच्च प्राधिकारी है और जिलों में सभी अधिकारियों को निडरता और ईमानदारी से काम करना चाहिए। तृणमूल प्रमुख द्वारा पार्टी नेताओं से मतदाता सूचियों का सत्यापन करने को कहने पर अधिकारी ने कहा कि किसी राजनीतिक दल को इसमें हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार नहीं है।

चुनाव आयोग आयोग के समर्थन से भाजपा ने किया हेरफेर: ममता बनर्जी
भाजपा पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची का भौतिक सत्यापन शुरू करने का निर्देश दिया और आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव आयोग (ईसीआई) के समर्थन से इसमें हेरफेर किया है। अधिकारी के नेतृत्व में राज्य भाजपा नेताओं ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) को इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त को संबोधित एक लिखित ज्ञापन सौंपा।

भाजपा नेताओं ने चुनाव आयोग से की ये मांग
भाजपा नेताओं ने ज्ञापन में मांग की कि आयोग को बारीकी से निगरानी करनी चाहिए तथा यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतदाता सूचियों से जुड़ी किसी भी गतिविधि में किसी आउटसोर्स एजेंसी का उपयोग न किया जाए। उन्होंने कहा, “हमने सीईओ से कहा है कि किसी भी हिंदी भाषी या मतुआ समुदाय के नागरिक का नाम अवैध रूप से मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल एक लघु भारत है और देश के सभी हिस्सों के लोग राज्य में रहते हैं। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में मतदाता सूची में 16 लाख नागरिकों के नाम दोहरी प्रविष्टियां हैं। उन्होंने मांग की कि इन प्रविष्टियों को तत्काल ठीक किया जाए।
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