प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई के निदेशक पद से अनिल सिन्हा के रिटायर होने के एक दिन पहले तक उनके उत्तराधिकारी को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। ऐसे में सरकार ने संकेत दिया है कि वह तत्काल कोई पूर्णकालिक निदेशक नियुक्त करने नहीं जा रही है।
गौरतलब है कि सीबीआई के निदेशक का चयन प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता या सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता और भारत के प्रधान न्यायाधीश की कोलेजियम करती है। सिन्हा का कार्यकाल केवल एक दिन बचा है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कोलेजियम की बैठक होने तक एजेंसी के सबसे वरिष्ठ अधिकारी को निदेशक पद की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
सूत्रों ने बताया कि बुधवार रात में अचानक एजेंसी के सबसे वरिष्ठ अधिकारी रहे आरके दत्त का स्थानांतरण गृह मंत्रालय में कर दिया गया। इसके बाद एजेंसी में उनके बाद सबसे वरिष्ठ अधिकारी और गुजरात कैडर के आईपीएस राकेश अस्थाना के कार्यवाहक निदेशक पद संभालने की संभावना बढ़ गई है।
हालांकि गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने इस बात को खारिज किया है कि निदेशक पद की दौड़ में सबसे आगे होने की वजह से दत्त का स्थानांतरण किया गया, ताकि पसंदीदा अधिकारी अस्थाना को यह पद दिया जा सके।