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Bengal: 'शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदारी लेनी होगी', निलंबित TMC नेता रिजु दत्ता का आरोप; गिनाईं हार की तीन वजहें

Sun, 10 May 2026 04:15 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

कोलकाता में निलंबित टीएमसी नेता रिजु दत्ता ने I-PAC, भ्रष्टाचार और महिलाओं के असंतोष को पार्टी की गिरती स्थिति का जिम्मेदार बताया। उन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से जवाबदेही तय करने की मांग की। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
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रिजु दत्ता - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित नेता रिजु दत्ता ने पार्टी की कार्यप्रणाली, चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC और संगठन के भीतर बढ़ते भ्रष्टाचार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कोलकाता में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि पार्टी को अंदर से कमजोर करने में I-PAC की बड़ी भूमिका रही है।

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रिजु दत्ता ने कहा कि "आज प्रातिक जैन कहां हैं? वह भाग गए। उन्हें क्या नुकसान हुआ? उन्होंने TMC से पैसा कमाया और बाजार से भी फंड जुटाया।" उन्होंने आरोप लगाया कि I-PAC केवल पार्टी को चला रही थी और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को वास्तविक स्थिति से अंधेरे में रखा गया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर जो नुकसान हुआ, उसकी जिम्मेदारी शीर्ष नेतृत्व को लेनी होगी। दत्ता के मुताबिक "दीदी और अभिषेक दा को पार्टी के इस नुकसान की जिम्मेदारी लेनी होगी। I-PAC ने पार्टी को अंदर से खत्म कर दिया।"

निचले स्तर के भ्रष्टाचार पर भी उठाए सवाल
रिजु दत्ता ने TMC के जमीनी कार्यकर्ताओं पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि निचले स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जनता के खिलाफ अत्याचार और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया, जिससे आम लोगों में पार्टी की छवि खराब हुई। हालांकि, उन्होंने ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और वरिष्ठ सांसदों को व्यक्तिगत रूप से भ्रष्टाचार से दूर बताया। उन्होंने कहा "कोई भी दीदी पर उंगली नहीं उठा सकता। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कोई भ्रष्टाचार नहीं किया।"
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महिलाओं के सम्मान को लेकर भी कही बड़ी बात
रिजु दत्ता ने दावा किया कि महिलाओं के मुद्दे पर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि पहले यह माना जाता था कि बंगाल की महिलाएं ममता बनर्जी को आंख बंद करके समर्थन देंगी, लेकिन अब स्थिति बदल रही है।

उनके इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के अंदर से इस तरह के बयान आने से टीएमसी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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