नागपुर में एक लोको पायलट ने कोविड-19 से जुड़ी सुरक्षा पर सवाल उठाया। जिसके बाद उनको रेलवे से निलंबित कर दिया गया। इस पर लोको पायलयट ने तंज कसते हुए अपने बॉस को शहद गिफ्ट कर दिया। लोको पायलट का कहना है कि रेलवे भले ही उनकी सेहत को लेकर सतर्क नहीं था, लेकिन वह अपने बॉस की सेहत की काफी चिंता करते हैं, इसलिए उन्हें शहद गिफ्ट किया है।
कोविड सुरक्षा में लापरवाही को लेकर उठाई आवाज
केसी प्रधान साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे के नागपुर डिविजन के वरिष्ठ लोको पायलट थे। इन्होंने लोको पायलट के रूप में 30 साल बिना एक्सीडेंट के सेवा की है। 6 दिसंबर को उनके बॉस सिनियर डिविजनल इलेक्ट्रिकल इंजिनियर कुणाल कपूर को एक लेटर लिखा, जिन्होंने 2 नवंबर को उन्हें सस्पेंड किया था। हालांकि, उनके सस्पेंशन का कारण साफ तौर पर नहीं बताया गया है, लेकिन केसी प्रधान का मानना है कि उन्होंने कोविड-19 की सुरक्षात्मक उपायों में लापरवाही बरतने को लेकर रेलवे में आवाज उठाई थी, जिसके कारण उनके खिलाफ यह एक्शन लिया गया है।
डॉक्टरों की लापरवाही के चलते हुआ कोविड
दरअसल, प्रधान कोरोना की चपेट में आ गए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से उनका परिवार भी इस वायरस से संक्रमित हो गया है। इस लापरवाही को लेकर उन्होंने आवाज उठाई थी, जिसके बाद उनको कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया।
सस्पेंड होने बाद बॉस को लिखा पत्र
सस्पेंड होने के बाद केसी प्रधान ने अपने बॉस को एक पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने कहा कि आप भले ही मेरे स्वास्थ्य की चिंता न करें, लेकिन मैं आपके सेहत की चिंता करता हूं, इसलिए आपको शहद गिफ्ट करना चाहता हूं, ताकि आप अपनी इम्यूनिटी बढ़ा सकें।