विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बीमारी के कारण ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) में भर्ती हैं। उनकी किडनी खराब हो गई है और इसे ट्रांसप्लांट कराने के लिए जरूरी जांच करा रही हैं। इस वजह से वह अमृतसर में होने वाले 'हॉर्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन में नहीं जा रही हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, बीमार होने के बावजूद सुषमा स्वराज विदेश सचिव एस. जयशंकर के संपर्क में हैं। इस दौरान दोनों पॉलिसी से जुड़े मुख्य मुद्दों पर चर्चा भी कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, सुषमा की बीमारी की स्थिति में वीके सिंह और एमजे अकबर के पास अहम जिम्मेदारियां हैं। वीके सिंह लैटिन अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया पर ध्यान दे रहे हैं। वहीं, एमजे अकबर यूरोप, पश्चिम और मध्य एशिया की ओर ध्यान दे रहे हैं। सुषमा स्वराज विशेष रूप से पड़ोसी देशों और महाशक्तियों पर फोकस कर रही हैं।