ट्विटर पर मदद की एक-एक गुहार पर निजी रूप से पहल कर समस्या सुलझाने वाली विदेश मंत्री सुषमा स्वराज एक बेतुकी मदद की अपील पर बुरी तरह भड़क गईं। दरअसल, पुणे की आईटी कंपनी में कार्यरत एक व्यक्ति ने रेलवे के अधीन झांसी में कार्यरत पत्नी का स्थानांतरण कराकर बनवास दूर करने की अपील की।
इस अपील पर सुषमा इस कदर नाराज हो गईं कि उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि अगर आप और आपकी पत्नी मेरे मंत्रालय में काम कर रहे होते तो अब तक आपको निलंबन का पत्र मिल गया होता। गौरतलब है कि इससे पहले भी ट्विटर पर सुषमा से कार से अधिक धुआं निकलने सहित अन्य समस्याओं पर मदद मांगी जा चुकी है।
हालांकि इन अपीलों पर सुषमा भी उसी हल्के फुल्के अंदाज में जवाब देती आई हैं। पुणे स्थित आईटी कंपनी में कार्यरत स्मित राज ने अपनी पत्नी के झांसी में कार्यरत होने का हवाला देते हुए लिखा कि क्या आप भारत में हमारा बनवास खत्म करा सकती हैं? सुषमा ने ट्विटर पर इस तरह की बेतुकी मदद गुहार पर नाराजगी जताई।
बीच में आए रेल मंत्री
ट्विटर पर सुषमा की ओर से जताई गई नाराजगी के बाद रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट किया कि वह स्थानांतरण जैसे मामले नहीं देखते। ऐसे मामले रेलवे बोर्ड देखता है। मैं संबंधित लोगों को इस मामले को देखने के लिए कहूंगा। हालांकि, सुषमा ने सोमवार को ही एक केन्याई दंपति की अपील पर फौरन कार्रवाई का निर्देश दिया। इस दंपति ने बच्चे के इलाज के लिए वीजा अवधि बढ़ाने की अपील की थी।