भारत-अफगानिस्तान के बीच हुए कई समझौते
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भारत और अफगानिस्तान ने आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए चार अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री सलाउद्दीन रब्बानी के दौरे के क्रम में भारत-अफगानिस्तान स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप काउंसिल के तहत हुई प्रतिनिधि स्तर की वार्ता में सुरक्षा की ताजा स्थिति पर चर्चा हुई।
इसके बाद हुई साझा प्रेस कांफ्रेंस में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अफगानिस्तान के साथ कंधे से कंधा मिला कर चलने और हर तरह की मदद जारी रखने की घोषणा की। गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर अमेरिका की नीति में आए बदलाव के बाद इस वार्ता को बेहद अहम माना जा रहा है।
साझा प्रेस कांफ्रेंस में सुषमा ने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता भरोसे पर आधारित है। दोनों देश सीमा पार से चलाए जा रहे आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं। जहां तक भारत का सवाल है तो हम अफगानिस्तान में शांति, स्थिरता और विकास के लिए कंधे से कंधा मिला कर काम करते रहेंगे।
इस दौरान रब्बानी ने अपने यहां आतंकवाद के लिए पाकिस्तानी आतंकी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया। रब्बानी ने कहा कि दोनों ही देश पाकिस्तानी स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद व अन्य आतंकी संगठनों के आतंक से पीड़ित हैं। उन्होंने पाकिस्तान को संदेश देते हुए कहा कि भारत के साथ दोस्ती का अर्थ किसी दूसरे देश के साथ दुश्मनी नहीं है।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान को लेकर अमेरिका की नीति में आए बदलाव से चिंतित भारत नई रणनीति अपना रहा है। नाटो सैनिकों की विदाई के बाद भारत का ध्यान ऐसी स्थिति में वहां आतंकी संगठनों से निपटते हुए विकास कार्यों को अंजाम देने पर है। यही कारण है कि रब्बानी की इस यात्रा को बेहद महत्व दिया जा रहा है।