फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुषमा बोलीं, लेबर पेन से बचने के लिए सरोगेसी का इस्तेमाल करते हैं सेलिब्रिटीज

Wed, 24 Aug 2016 07:59 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
सुषमा स्वराज - फोटो : PTI
विज्ञापन
विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज ने सरोगेसी बिल के बारे में लोगों को समझाने की कोशिश की है। सरकार द्वारा पास किए गए ड्राफ्ट कानून के अनुसार, निसंतान दंपत्ति सरोगेट मांओं को किराए पर नहीं ले सकते, बल्कि करीबी रिश्‍तेदारों को बच्‍चा कैरी करने को कह सकते हैं। कैबिनेट मीटिंग के बाद सुषमा ने पत्रकारों से कहा कि कमर्शियल सरोगेसी पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
विज्ञापन


निसंतान द‍ंपत्ति जो कि बच्‍चे पैदा करने के लिए मेडिकली अनफिट हैं, वे अपने किसी करीबी रिश्‍तेदार की मदद ले सकते हैं जिसे अल्‍ट्रूस्टिक सर्जरी सरोगेसी कहा जाता है। बिल इसलिए लाया जा रहा है क्‍योंकि भारत कपल्‍स के लिए एक सरोगेसी हब के तौर पर उभरा है और तकनीक के गलत इस्‍तेमाल सामने आए हैं।

इस बिल से कमर्शियल सरोगेसी पर प्रतिबंध लगेगा और नपुंसक दंपत्तियों को एथिकल सरोगेसी की इजाजत मिलेगी। अगर आपके पास जैविक रूप से एक बच्‍चा है या आपने बच्‍चा गोद लिया है तो आपको अल्‍ट्रूस्टिक सरोगेसी की इजाजत नहीं मिलेगी। ऐसा इसलिए किया गया ताकि दोनों बच्‍चों को अलग-अलग परवरिश न मिले या फिर बाद में प्रॉपर्टी को लेकर झगड़े न हो।” सुषमा ने सरोगेसी का फायदा उठाने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि 'जो चीज जरूरत के नाम पर शुरू की गई थी वह अब शौक बन गई है।'
विज्ञापन


उन्‍होंने कहा कि 'सेलिब्रिटीज सरोगेट बच्‍चे पैदा कर रहे हैं। दो बच्‍चों के होने के बावजूद उन्‍होंने तीसरा बच्‍चा इसलिए पैदा किया क्‍योंकि पत्‍नी दर्द बर्दाश्‍त नहीं कर पाई और कोई और उनका बच्‍चा पैदा करने को मिल गया।' सुषमा ने कहा, 'सिंगल पेरेंट्स, होमोसेक्‍सुअल कपल्‍स, लिव-इन-रिलेशनशिप्‍स में रहने वालों को सरोगेसी की इजाजत नहीं दी जाएगी।'
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें