मोसुल में लापता 39 भारतीय नागरिकों को लेकर लोकसभा में भी हंगामा हुआ। विपक्षी सांसद हंगामा करते हुए वेल तक पहुंच गए। हंगामे के बाद सुषमा स्वराज ने कहा कि मोसुल से लापता 39 भारतीयों के बारे में कोई सुराग नहीं हैं। और बिना सबूतों के किसी को मरा मान लेना पाप है। मैं ये पाप अपने सर नहीं ले सकती। सुषमा स्वराज ने कहा कि जिस दिन भी कोई ऐसा सबूत मिलेगा, हम मोसुल के रहस्य से पर्दा उठाएंगे।
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सुषमा स्वराज ने कहा कि हम लगातार लापता लोगों को ढूंढने का प्रयास करते रहे। मेरे अलावा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कई देशों के प्रधानमंत्रियों और राष्ट्रपतियों से इस बारे में बात की। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने लापता भारतीयों के लिए कम से कम 6 देशों के विदेश मंत्रियों से बात की। और जहां भी संभव हुआ, या थोड़ी सी भी जानकारी मिलने की उम्मीद थी। हमनें हर उस जगह इन भारतीयों के तलाश की कोशिश की।
फाइल तबतक बंद ना की जाए, जबतक किसी के मारे जाने के सबूत न मिले
सुषमा स्वराज
- फोटो : self
सुषमा स्वराज ने कहा कि फाइल तबतक बंद ना की जाए, जबतक किसी के मारे जाने के सबूत न मिले। स्वराज ने कहा कि आज मैं कह दूं कि वो मर गए, पर कल कोई जिंदा आकर खड़े हो गए तो?
अगर किसी के परिवार को मानना है कि वो मृत हैं, तो वो मान सकते हैं। पर इसमें कोई जिंदा आकर खड़ा हुआ, तो जिम्मेदारी उनकी है। कोई संसद सदस्य अगर ये सोचता है कि मैं झूठ बोल रही हूं, तो वो भी उन्हें अपनी जिम्मेदारी पर मृत मान सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें जबतक कोई सबूत नहीं मिलता, तबतक हम अपने लोगों की तलाश करते रहेंगे।
सुषमा स्वराज के खिलाफ शिकायत दर्ज, देश को गुमराह करने का आरोप
उन्होंने बताया कि इस मामले में किसी के जिंदा या मारे जाने की कोई खबर नहीं है। साल 2014 में मोसुल से 39 भारतीय गायब हुए थे। लापता लोग ज्यादातर पंजाब से हैं। सुषमा ने कहा कि कई बार लोगों ने कहा कि सुषमा ने कहा कि लोग जेल में बंद हैं और अब जेल ध्वस्त हो गई है। मैंने कभी नहीं कहा कि वो लोग जेल में हैं। इससे पहले बताया जा रहा था कि लापता लोगों के बदरूस जेल में बंद होने की खबर थी। मोसुल एयरपोर्ट पर ये सभी भारतीय पकड़े गए थे।
लोकसभा में हंगामे की वजह से बयान नहीं दे पाईं थी सुषमा
सुषमा स्वराज
- फोटो : SELF
इससे पहले, मोसुल में लापता 39 भारतीय नागरिकों को लेकर लोकसभा में काफी हंगामा हुआ। विपक्षी सांसद हंगामा करते हुए वेल तक पहुंच गए। लोकसभा में विपक्षी नेताओं ने कहा कि सरकार सदन को गुमराह कर रही है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि देश-विदेश में मोसुल को लेकर बदनामी हो रही है। भारत के 39 नागरिक सीरिया में लापता स्थिति में है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इस मामले में बयान देने वाली थी, पर लोकसभा में जमकर हंगामा होने की वजह से मुद्दे को बदलना पड़ा था।
I am ready to speak as the matter is serious, can't give a statement in such uproar. They must not storm the well: EAM Swaraj in Lok Sabha
— ANI (@ANI_news) July 26, 2017
सदन को गुमहार करने के कांग्रेस के आरोप पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि- मैं बोलने के लिए तैयार हूं। संजीदगी से उत्तर देना चाहती हूं। ये लोग इस तरह के बिल में खड़े होकर नारेबाजी करते रहेंगे तो मैं उत्तर नहीं दे पाउंगी। विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष की गुजारिश के बावजूद हंगामा जारी रखा। इस बीच स्पीकर ने कहा मोसुल को लेकर सभी भारतीय चिंतित हैं, कृपया आप लोग हंगामा न करें, पर विपक्ष हंगामे पर अड़ा रहा। कांग्रेसी नेता खड़गे ने कहा कि देश और विदेश में मोसुल को लेकर देश-विदेश में बदनामी हो रही है।
We are as much concerned on this issue, as the Government is: Mallikarjun Kharge,Congress in Lok Sabha on 39 missing Indians in Mosul,Iraq
— ANI (@ANI_news) July 26, 2017
सुषमा स्वराज के खिलाफ देश को गुमराह करने का आरोप की शिकायत दर्ज
sushma swaraj
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ 2014 में इराक के मोसुल में लापता 39 भारतीय नागरीकों के बारे में गलत जानकारी देने के आरोप में बिहार के मुजफ्फरपुर में कुछ दिनों पहले शिकायत दर्ज करायी थी।
याचिकाकर्ता तमन्ना हाशमी ने मुजफ्फरपुर की जिला अदालत में सुषमा पर इराक में लापता लोगों को लेकर झूठ बोलने और देश को गुमराह का आरोप में याचिका दी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। इस मामले की सुनवाई मंगलवार को भी हुई थी।