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Survey: पेशेवरों के सर्वे में सामने आया एआई पर बढ़ा अविश्वास, जेनरेटिव एआई को बैन कर रहीं बड़ी कंपनियां

Tue, 30 Jan 2024 07:12 AM IST
यशोधन शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सिस्को, 2024 डाटा प्राइवेसी बेंचमार्क स्टडी में भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मैक्सिको, स्पेन, ब्रिटेन और अमेरिका सहित 12 भौगोलिक क्षेत्रों के 2,600 गोपनीयता और सुरक्षा पेशेवरों की प्रतिक्रियाएं ली गईं।
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ai - फोटो : istock
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विस्तार
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निजता व सुरक्षा खतरों के मद्देनजर तमाम बड़ी कंपनियां जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (जेन एआई) पर प्रतिबंध लगा रही हैं। सिस्को ने एक वैश्विक अध्ययन के निष्कर्षों का हवाला देते हुए बताया है कि सर्वेक्षण में शामिल चार में से एक संगठन ने गोपनीयता और डाटा सुरक्षा जोखिमों के चलते जेनरेटिव एआई के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है।

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सिस्को, 2024 डाटा प्राइवेसी बेंचमार्क स्टडी में भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, मैक्सिको, स्पेन, ब्रिटेन और अमेरिका सहित 12 भौगोलिक क्षेत्रों के 2,600 गोपनीयता और सुरक्षा पेशेवरों की प्रतिक्रियाएं ली गईं। अध्ययन से पता चला कि ज्यादातर संगठन डाटा गोपनीयता और सुरक्षा मुद्दों पर जेनरेटिव एआई के उपयोग को सीमित कर रहे हैं। 27 फीसदी ने अस्थायी रूप से इसके उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।

गोपनीय जानकारियों के लीक होने का जोखिम बढ़ा
सर्वेक्षण के निष्कर्षों में जेनएआई के साथ बढ़ती गोपनीयता चिंताओं व विश्वास संबंधी चुनौतियों को रेखांकित किया गया है। 69 फीसदी पेशेवरों ने माना है कि एआई की वजह से उनके संगठनों के लिए कानूनी और बौद्धिक संपदा अधिकारों के खतरे बढ़ गए हैं। वहीं, 68 फीसदी का मानना है कि जेन एआई की वजह से उनकी गोपनीय जानकारियों के आम लोगों व प्रतिस्पर्धियों तक पहुंचने का जोखिम बढ़ गया है।
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सीमाएं निर्धारित कीं
सिस्को के मुताबिक, ज्यादातर संगठन इन जोखिमों से अवगत हैं और जोखिम को सीमित करने के लिए जेनएआई को प्रतिबंधित कर रहे हैं। 63 फीसदी पेशेवरों ने माना कि उनके संगठनों ने इस बात पर सीमाएं स्थापित की हैं कि कौन सा डाटा जेनएआई मॉडलों में दर्ज किया जा सकता है। वहीं, 61 फीसदी ने बताया कि उनके संगठनों ने वे सीमाएं निर्धारित की हैं, जिनके दायरे में कर्मचारी जेन एआई का उपयोग कर सकते हैं। 27 फीसदी पेशेवरों ने बताया कि उनके संगठनों ने अस्थायी रूप से जेन एआई के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।

खड़ी हो सकती है समस्या
करीब 45 फीसदी पेशेवरों ने बताया कि उनके संगठनों में कई व्यक्तियों ने एआई का इस्तेमाल करते हुए ऐसी जानकारी दर्ज की हैं, जिनसे समस्या खड़ी हो सकती है। वहीं, 48 फीसदी ने बताया कि किसी न किसी तरीके से उनकी कंपनी के बारे में ऐसी जानकारियां सार्वजनिक हो गई हैं, जिन्हें गोपनीय माना गया था।

सुरक्षा के लिए नई तकनीक की जरूरत : सिस्को के मुख्य कानूनी अधिकारी डेव स्टाहल्कॉफ के मुताबिक, संगठन जेन एआई को मौलिक रूप से अलग तकनीक के रूप में देखते हैं, जिसमें नई चुनौतियों पर विचार करना होगा। 90 फीसदी पेशेवरों का मानना है कि जेन एआई के दौर में डाटा और गोपनीयता के जोखिम को प्रबंधित करने के लिए नई तकनीक की जरूरत है।

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