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POK में सर्जिकल स्ट्राइक पर बोले पर्रिकर- सवा साल से बन रही थी योजना, दी गई थी स्पेशल ट्रेनिंग

Sat, 01 Jul 2017 10:15 PM IST
पणजी, एजेंसी।
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सवा साल से बन रही थी योजना, दी गई थी स्पेशल ट्रेनिंग - फोटो : News18
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पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर परिकर ने कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सितंबर 2016 में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक की योजना जून 2015 में मणिपुर में सेना के काफिले पर एनएससीएन-के द्वारा घात लगाकर हमला करने के बाद शुरू हुई।
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परिकर ने पिछले साल सितंबर में सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़े घटनाक्रम के बारे में उद्योगपतियों के एक समूह को संबोधित करते हुए शुक्रवार को कहा कि जब उन्हें चार जून 2015 की मणिपुर की घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने ‘अपमानित’ महसूस किया। इस घटना में 18 जवान शहीद हुए थे। उन्होंने कहा, ‘पश्चिमी सीमा पर 29 सितंबर 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक की शुरुआत 9 जून 2015 को हुई थी। हमने इसकी योजना 15 महीने पहले बनाई थी। अतिरिक्त सैनिकों को प्रशिक्षित किया गया। प्राथमिकता के आधार पर उपकरण खरीदे गए।’

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परिकर ने कहा कि डीआरडीओ द्वारा विकसित ‘स्वाथी वैपन लोकेटिंग रडार’ का पाकिस्तानी सेना की ‘फायरिंग यूनिट्स’ का पता लगाने में पहली बार सितंबर 2016 में प्रयोग किया गया, जबकि इस प्रणाली को तीन महीने बाद आधिकारिक रूप से शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि ‘स्वाथी रडार’ की मदद से पाकिस्तानी सेना की 40 फायरिंग यूनिट्स को ध्वस्त किया गया।
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परिकर ने खुलासा किया कि पीओके के आतंकवादियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की योजना 15 महीने पहले से मणिपुर में मौतों के बाद बनाई गई। उन्होंने कहा, ‘मैंने अपमानित महसूस किया। 200 लोगों के एक छोटे से आतंकी संगठन द्वारा 18 डोगरा सैनिकों को मारना भारतीय सेना का अपमान था और हमने दोपहर और शाम को बैठकर पहले सर्जिकल स्ट्राइक की योजना पर काम किया, जिसे 8 जून की सुबह पूरा किया गया जिसमें (भारत म्यांमार सीमा पर) करीब 70-80  आतंकवादी मारे गए।’ परिकर ने कहा, ‘यह बहुत सफल हमला था।’ उन्होंने कहा कि कुछ खबरों के विपरीत किसी हेलीकाप्टर का प्रयोग नहीं हुआ। सिर्फ आपातकाल में जवानों को बाहर निकालने के लिए हेलीकाप्टरों को तैयार रखा गया था। 
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