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मीडिया रिपोर्ट: संसद पर हमला कर बदला ले सकते हैं आतंकी

Mon, 10 Oct 2016 11:25 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटोः मसूद अजहर
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पाक अधिकृत कश्मीर में भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बौखलाई हुई है। आईएसआई ने जैश ए मोहम्मद के आतंकियों को किसी भी तरह हमला करके स्ट्राइक का बदला लेने को कहा है। 
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अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक मौलाना मसूद अजहर एक बार फिर भारतीय संसद पर हमले की साजिश रच रहा है। अफजल गुरु की अगुवाई में जैश के आतंकियों ने 2001 में संसद पर हमला किया था। सुरक्षा एजेंसियों और जम्मू-कश्मीर सीआईडी को जैश की नापाक योजना से अवगत करा दिया गया है कि आतंकी संसद को निशाना बनाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। 

सुरक्षा एजेंसियों को पता चला है कि अगर आतंकी संसद को निशाना बनाने में असफल होते हैं, तो वे दिल्ली सचिवालय को निशाना बना सकते हैं। इसके अलावा उनकी टारगेट लिस्ट में अक्षरधाम और लोटस टेंपल भी हैं।
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संसद की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

- फोटो : PTI
जैश ए मोहम्मद के आकाओं का निर्देश है कि अगर किसी मशहूर जगह पर हमला न हो पाए, तो भीड़भाड़ वाली जगह को निशाना बनाया जाए। जैसे कि बाजार या शॉपिंग मॉल। खुफिया एजेंसियों ने संबंधित अधिकारियों को इससे अवगत करा दिया है और इस तरह की किसी भी साजिश को नाकाम करने की तैयारी है।

राजधानी दिल्ली को सबसे ज्यादा खतरा जैश ए मोहम्मद और मौलाना अब्दुर रहमान (कोड नाम - MAR) की अगुवाई वाले आतंकी संगठन जैशुल हक तंजीम से है। अब्दुर रहमान ने अफगानिस्तान के कंधार में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट संख्या आईसी-814 के अपहरण में बड़ी भूमिका निभाई थी। 

सूत्रों के मुताबिक आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान के बनाए संसद परिसर का वीडियो वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा की गई है। ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को ठीक किया जा सके।
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दो फिदायीनों के दिल्ली में घुसने की खबर

पिछले हफ्ते दो फिदायीनों के दिल्ली में घुसने की खबर आई थी। मीडिया रिपोर्ट्स का दावा था कि ये फिदायीन सेबों से भरी एक ट्रक में बैठकर दिल्ली की होलसेल मार्केट का रूख कर रहे हैं। ट्रक का ड्राइवर दक्षिण कश्मीर के कुलगाम से है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों फिदायीनों के पास खतरनाक हथियार भी हैं।

7 सितंबर 2011 के बाद दिल्ली में कोई आतंकी हमला नहीं हुआ है। आखिरी 'आतंकी हमला' इजरायली डिप्लोमेट के ऊपर फरवरी 2012 में हुआ था। 

आतंकी मसूद अजहर पाकिस्तान से अपने संगठन को चलाता है और उसका फोकस कश्मीर और पंजाब पर रहता है। वहीं, अब्दुर रहमान का संगठन पूरे भारत को निशाने पर रखता है और उसके संगठन जैशुल हक तंजीम का हेडक्वार्टर अफगानिस्तान में है। 

जैशुल हक तंजीम के दो सदस्य अहमद खान दुर्रानी और अहमद कादरी पिछले साल नवंबर में काबुल के रास्ते दिल्ली में घुस आए थे। उनके पास विस्फोटक भी थे, लेकिन उन्हें भागना पड़ा और तबसे किसी को उनकी भनक नहीं लगी है। 
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