सेना ने उड़ी हमले के 48 घंटे केभीतर ही पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में घुसकर आतंकियों के दो कैंपों को तबाह किया और करीब 20 मार गिराए थे। अपेक्षाकृत छोटे पैमाने पर की गई यह कमांडो कार्रवाई 20-21 सितंबर की रात को हुई। यानि 28-29 सितंबर को हुए बड़े सर्जिकल स्ट्राइक ने एक हफ्ते पहले ही पाकिस्तान को उड़ी के बदले की पेशगी दे दी गई थी। इस कमांडो ऑपरेशन को सेना की घातक टीम और स्पेशल फोर्स के आठ पारा कमांडो ने अंजाम दिया।
सेना के विश्वसनीय सूत्रों ने अमर उजाला से इस कार्रवाई के होने की पुष्टि की है। उच्चपदस्थ सूत्रों ने बताया कि इस कार्रवाई में सेना का एक कमांडो माइंस से घायल हुआ और उसके पांव काटकर हटाने पड़े। इसकेअलावा दो कमांडों को गोली भी लगी। लेकिन इन दोनों के बड़ा नुकसान हीं हुआ। सूत्र ने कार्रवाई की जगह केबारे में कोई पुष्टि नहीं की। लेकिन संकेत के मुताबिक यह कार्रवाई उड़ी से लगी सीमा केदूसरी तरफ हुई।
सूत्रों के मुताबिक नियंत्रण रेखा थ(एलओसी) पर पाक की ओर से की गई किसी भी शैतानी का जवाब 24 से 48 घंटे केभीतर देना अघोषित नियम है। लिहाजा उड़ी जैसे खतरनाक हमले को सेना कभी अनदेखा नहीं कर सकती है। सूत्रों ने बताया कि इस कार्रवाई से घबरा कर पाकिस्तान ने पीओके को नो फ्लाई जोन घोषित कर दिया।