पुलवामा हमले के बाद आतंकी कैंपों को बचाने की पाकिस्तान की कोई तरकीब काम नहीं आई। पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के कैंपों को बालाकोट के फाइव स्टार रिसोर्ट वाले कैंप में शिफ्ट कर दिया गया था। लेकिन वायुसेना के हवाई हमले ने आतंकियों और उनके आकाओं के अरमानों पर पानी फेरते हुए कैंपों को नेस्तनाबूत कर दिया। सूत्र बताते हैं कि इस हमले में करीब 350 आतंकी ढेर हुए हैं।
सूत्र बताते हैं कि हमले में जैश ए मोहम्मद के 325 आतंकी और 25 से 27 ट्रेनर मारे गए हैं। जैश ने ही 14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। इस हमले के बाद से ही भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाने का एलान किया था। सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देना इन्हीं में से एक कदम है।
शायद आतंकियों को इतनी जल्द किसी हमले का अंदेशा नहीं था। पुलवामा हमले के मात्र 12 दिन बाद ही इसे अंजाम दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, जिस वक्त हवाई हमला किया गया उस समय आतंकी अपने कैंपों में सोए हुए थे। इन्हें कतई अंदेशा नहीं था कि पाकिस्तान के अंदर घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया जाएगा। भारतीय वायुसेना के मिराज विमानों ने आतंकी कैंपों पर 1000 किलो बम बरसाए।
भारत को इनपुट मिला था कि पुलवामा हमले के बाद एलओसी पर मौजूद कैंपों से आतंकियों और उनके ट्रेनर को बालाकोट शिफ्ट कर दिया गया जहां 500 से 700 लोगों के ठहरने की जगह है। यहां पर स्वीमिंग पूल, रसोइए और साफ सफाई करने वाले कर्मचारी भी थे।
इस तरह दिया अंजाम
सूत्रों की मानें तो भारत में सेंट्रल और वेस्टर्न कमांड के कई एयर बेस से फाइटर और दूसरे विमानों को बुलाया गया। इसने पाकिस्तान के रक्षा अधिकारियों को उलझन में डाल दिया कि ये कहां जा रहे हैं। तड़के सुबह मिराज विमानों के एक छोटे समूह ने बालाकोट की ओर उड़ान भरी जहां आतंकी इत्मीनान से सोए हुए थे।
सूत्र ने कहा, उन्हें कतई अंदाजा नहीं था कि बालाकोट ही टारगेट बनने जा रहा है। जब तस्वीरें आएंगी तो आप देखेंगे कि वहां सिर्फ खंडहर ही बचा है जहां पहले कैंप फल फूल रहा था।
ये आतंकी कैंप बालाकोट शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर था। लाइन ऑफ कंट्रोल से बालाकोट करीब 80 किलोमीटर दूर है। यह एबोटाबाद के पास है जहां अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन अमेरिकी फौज के हाथों मारा गया था।
(पीटीआई इनपुट)