सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आसाराम बापू पर दुष्कर्म के एक मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी, आसाराम पर गुजरात में उनके खिलाफ दुष्कर्म मामले में मुकदमा दायर है। बता दें कि सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उनके बेटे नारायण साईं के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज की थीं और उन पर अन्य आरोपों के साथ दुष्कर्म और अवैध कारावास का आरोप लगाया था।
गुजरात सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस एनवी रमाना और अजय रस्तोगी की खंडपीठ को बताया कि मामले की सुनवाई चल रही है और अभी 10 गवाहों की जांच होनी बाकी है। इसी को आधार बनाकर शीर्ष अदालत ने अपना फैसला सुनाया।
अदालत ने आसाराम की जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि निचली अदालत उच्च न्यायालय की टिप्पणी से प्रभावित हुए बिना मामले का निपटारा करे। शीर्ष अदालत गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा पारित जनवरी 2015 के आदेश के खिलाफ आसाराम की याचिका पर सुनवाई कर रही थी और मामले में आसाराम की जमानत याचिका खारिज कर दी गई।