सूरत में बहुमंजिला इमारत में लगी आग से बचने की कोशिश करते छात्र
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सूरत के कोचिंग सेंटर आग लगने के मामले में पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। इस भयंकर हादसे में 20 लोगों की मौत हो गई थी, जिसमें से ज्यादातर कोचिंग सेंटर में पढ़ने वाले छात्र थे। वहीं, व्यावसायिक परिसर तक्षशिला कांप्लेक्स के दो बिल्डर फरार हैं। इसी कांप्लेक्स में कोचिंग सेंटर चल रहा था।
सूरत के पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने शनिवार को बताया कि पुलिस ने शुक्रवार रात को तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। इनमें से दो बिल्डर हर्षल वेकारिया और जिग्नेश पालीवाल और कोचिंग सेंटर संचालक भार्गव भूटानी को आरोपी बनाया गया था। हमने भूटानी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी दो को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। हादसे में मरने वाले ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से हुई, जबकि कुछ की बिल्डिंग से छलांग लगाने की वजह से हुई। हादसे के चश्मदीद के मुताबिक, आग से बचने के लिए कम से कम 10 लोगों ने बिल्डिंग की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी।
मानवाधिकार आयोग ने भेजा नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सूरत में हुए हादसे पर गुजरात सरकार को नोटिस भेजा है। आयोग ने कहा कि इस तरह की भीषण हादसे में सिर्फ मुआवजे का एलान करना कोई उपाय नहीं है। आयोग ने हादसे पर स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि घटना को युवा छात्रों के मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला मानते हुए गुजरात के मुख्य सचिव और सरकार को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मरने वाले 3 छात्रों ने पास की 12वीं की परीक्षा
सूरत। हादसे में मारे गए छात्रों में से तीन ने 12वीं की परीक्षा पास की है। अधिकारी के मुताबिक, यशवी केवाडिया, मानसी वरसानी और हस्ती सुरानी ने गुजरात बोर्ड की 12वीं की परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम शनिवार को घोषित किया गया। यशवी ने 67.75 प्रतिशत, मानसी ने 52.02 और हस्ती ने 69.75 प्रतिशत अंक हासिल किए।