सूरत के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने 2,252 पैरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहे हैं। इन सभी ने अपने बच्चों का शिक्षा के अधिकार कानून के तहत दाखिला करवाने के लिए फर्जी आय प्रमाण पत्र जमा करवाए थे। डीईओ ऑफिस के सूत्रों के अनुसार सूरत शहर के विभिन्न केंद्रों से शिक्षा के अधिकार कानून के तहत स्कूलों से दाखिले के लिए 9,410 आवेदन मिले हैं।
एक महीने लंबी चलने वाली पूछताछ के बाद शहर के प्रधान अधिकारी ने पाया कि 9,410 आवेदनों में से जमा किए गए कुल 2,252 आवेदकों ने तहसीलदार की मुहर के साथ फर्जी आय प्रमाण दस्तावेज जमा करवाए हैं। इस मामले पर सूरत शहर के प्रधान अधिकारी बीएस पटेल ने कहा, "जांच में हमने पाया कि लगभग 2,252 नकली आय प्रमाण पत्र दस्तावेजों में से 1000 के लगभग यह दस्तावेज केवल सूरत शहर के पूना क्षेत्र के हैं। हमने निजी तौर पर छानबीन की और पाया कि कुछ दलाल इस रैकेट में शामिल हैं।"
सूरत के जिला शिक्षा अधिकारी यूएन राठौड़ ने कहा, हम
जिला अधिकारी के आदेशानुसार कार्रवाई करेंगे और पैरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए केस दर्ज करेंगे। बता दें कि
शिक्षा के अधिकार के तहत सरकार की तरफ से हर बच्चे को शिक्षा देने का नियम है। इसके अंतर्गत निजी स्कूलों में भी गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले बच्चों का दाखिला करवाया जाता है। दाखिले के लिए पैरेंट्स को अपनी सभी स्रोतों से होने वाली कमाई का पूरा ब्यौरा देना रहता है। जिसके बाद ही उपयुक्त उम्मीदवार का स्कूल में दाखिला होता है।