सुप्रीम कोर्ट में भी कोरोना फैलने के कारण न्यायाधीशों ने अपने घरों से ही मामलों की सुनवाई की। शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री ने जजों को 'घर से काम' करने की अनुमति दी है।
न्यायाधीशों ने अपने निर्धारित समय से एक घंटे देर से अपने-अपने आवास से अदालती कार्यवाही की। पिछले हफ्ते करीब 44 कर्मचारियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद शीर्ष कोर्ट द्वारा यह कदम उठाया गया।
न्यायालय की रजिस्ट्री ने 13 अप्रैल को जारी अपने आदेश में कोर्ट के अधिकारियों से संक्रमण के प्रसार को रोकने के सभी उपायों का सख्ती से पालन करने को कहा। इनमें आपस में दो गज की दूरी रखने, शरीर के तापमान की जांच करने, मास्क पहनने और हाथ साफ रखने जैसे स्वच्छता से जुड़े अन्य उपाय शामिल हैं।
मेंशनिंग पर भी रोक
शीर्ष अदालत की रजिस्ट्री ने अपने आदेश में कहा कि निर्देशों का अनुपालन नहीं करने पर आचरण नियमावली के तहत प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। न्यायालय ने तत्काल सुनवाई के मामलों के लिए उसके समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करने यानी मेंशनिंग पर भी सोमवार से अगले आदेश तक अस्थायी रोक लगा दी है।
दिल्ली हाईकोर्ट के तीन जज संक्रमित
उधर, दिल्ली हाईकोर्ट के भी तीन जज कोरोना संक्रमित मिलने के बाद अपने घरों में आईसोलेट हो गए है। दो अन्य में भी संदिग्ध लक्षण पाए गए है। इसे देखते हुए हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने अपना कार्यालय 20 अप्रैल तक बंद कर दिया है।