सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम में जज, न्यायिक सेवा से जुड़े कर्मचारी व वकीलों को भी प्राथमिकता देने वाली याचिका पर विचार करने का निर्णय लिया है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने दो हफ्ते बाद इस याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि जज, न्यायिक सेवा के कर्मचारी भी जरूरी सेवा से जुड़े हैं, लिहाजा इन सभी को प्राथमिकता श्रेणी में रखा जाना चाहिए।
भारत में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें भारत में विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना करने की मांग की गई थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कहा कि भारत में एक भी विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय नहीं है। इस पर पीठ ने कहा कि भारत में और भी कई चीजें नहीं हैं, जो दूसरे देशों में हैं। यह कहते हुए पीठ ने इस पर सुनवाई से इनकार कर दिया।