पश्चिम बंगाल के पूर्व पुलिस आयुक्त राजीव कुमार ने उच्चतम न्यायालय से गिरफ्तारी से रोक की अवधि को बढ़ाने का अनुरोध किया है। अदालत कल इस मामले की सुनवाई करेगा। इससे पहले की सुनवाई में अदालत ने कुमार को झटका देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक को हटा दिया था।
21 मई को शीर्ष अदालत ने अपनी गिरफ्तारी पर सात दिनों की अंतरिम राहत को बढ़ाने के लिए बड़ी पीठ के तत्काल गठन की कुमार की मांग को ठुकरा दिया था। कुमार ने कोलकाता में वकीलों की हड़ताल का हवाला देते हुए राहत मांगी थी।
न्यायालय के इस निर्णय के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले राजीव कुमार पर गिरफ्तारी संभव हो गई है। बता दें कि सीबीआई राजीव कुमार को करोड़ों रुपये के शारदा चिट फंड मामले में हिरासत में लेकर पूछताछ करना चाहती है।
सीबीआई का दावा है कि इस मामले में कुमार ने जानबूझकर निर्देशों की अवहेलना की और साक्ष्यों को नुकसान पहुंचाया। साथ ही उनपर कॉल डिटेल्स के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप है। इससे पहले सोमवार को कुमार ने दो सदस्यीय अवकाशकालीन पीठ से सात दिनों की मिली अंतरिम राहत को और बढ़ाने की गुहार की थी।
कुमार के वकील ने अवकाशकालीन पीठ से कहा था कि 17 मई को अदालत ने कुमार को कानूनी राहत पाने के लिए उचित स्तर पर अपील करने के लिए सात दिनों का वक्त दिया था। इनमें से चार दिन बीत चुके हैं। लेकिन हड़ताल के कारण कोलकाता में ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट का काम बंद है। ऐसे में उन्हें अपील के लिए और वक्त दिया जाए। लेकिन पीठ ने कुमार से कहा था कि सात दिनों की अंतरिम राहत तीन सदस्यीय पीठ ने दी थी, लिहाजा वह रजिस्ट्रार या सेक्रेटरी जनरल से बड़ी पीठ के गठन की गुहार करें।