भारतीय बैंकों के कर्जदार विजय माल्या के खिलाफ चल रहे अवमानना केस को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान वह विजय माल्या की मौजूदगी चाहता है। माल्या के सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर पेश न होने पर कोर्ट ने माल्या के वकील को कड़ी फटकार लगाई।
गौरतलब है कि गिरफ्तारी से बचते फिर रहे उद्योगपति विजय माल्या इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए। न्यायालय की अवमानना में दोषी ठहराए गए विजय माल्या के लिए सजा तय करनी है। मालूम हो कि अदालती आदेश के बावजूद अपनी संपत्तियों की पूरी जानकारी न देने पर बीते 9 मई को सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को अवमानना का दोषी ठहराया गया था।
माल्या को 10 जुलाई को अदालत में पेश होना था। न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने तब इस मामले की तारीख 14 जुलाई मुकर्रर की थी। पीठ ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार को मदद करने का आग्रह किया भी किया था। गौरतलब है कि माल्या पर भारतीय बैंकों के समूह का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है और वह भारत से भागकर लंदन में रह रहा है।
इससे पहले वेस्टमिंस्टर कोर्ट में हुई सुनवाई के वक्त माल्या के वकील ने कहा कि प्रत्यर्पण को चुनौती देने के लिहाज से भारत में जेलों की बुरी हालत भी एक सवाल खड़ा होता है।