फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

समान श्रेणी के वाहनों को चलाने के लिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं: सुप्रीम कोर्ट

Tue, 25 Jul 2017 02:19 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
नौकरशाह कानून से ऊपर नहीं: सुप्रीम कोर्ट - फोटो : hindustantimes
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर चालक के पास हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) चलाने का लाइसेंस है तो उसे उसी श्रेणी के दूसरे वाहनों को चलाने के लिए पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। इस संबंध में पूर्व के आदेशों में विरोधाभास को देखते हुए तीन सदस्यीय पीठ को राय देने के लिए कहा गया था।
विज्ञापन


न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय, न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने अपने फैसले में कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा-2 (21) में वजन के आधार पर वाहनों को श्रेणी बनाई गई है। इसके तहत ट्रैक्टर और ओमनी बस आदि परिवहन वाहन भी शामिल हैं।

वर्ष 1994 में अधिनियम में किए गए संशोधन में इस तरह के परिवहन वाहनों को एलएमवी की परिभाषा से बाहर नहीं निकाला गया है। पीठ ने स्पष्ट किया है कि एलएमवी कीश्रेणी में 7500 किलोग्राम वजन वाले वाहन शामिल हैं।
विज्ञापन


इसमें परिवहन वाहन और ओमनी बस ही नहीं बल्कि ट्रैक्टर या रोड रोलर भी शामिल है अगर भाररहित उनका वाहन 7500 किलोग्राम से अधिक न हो। एलएमवी लाइसेंस धारकों को इस श्रेणी के वाहनों को चलाने के लिए पूर्व इजाजत लेने की दरकार नहीं है। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें