नौकरशाह कानून से ऊपर नहीं: सुप्रीम कोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर चालक के पास हल्के मोटर वाहन (एलएमवी) चलाने का लाइसेंस है तो उसे उसी श्रेणी के दूसरे वाहनों को चलाने के लिए पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। इस संबंध में पूर्व के आदेशों में विरोधाभास को देखते हुए तीन सदस्यीय पीठ को राय देने के लिए कहा गया था।
न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय, न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने अपने फैसले में कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा-2 (21) में वजन के आधार पर वाहनों को श्रेणी बनाई गई है। इसके तहत ट्रैक्टर और ओमनी बस आदि परिवहन वाहन भी शामिल हैं।
वर्ष 1994 में अधिनियम में किए गए संशोधन में इस तरह के परिवहन वाहनों को एलएमवी की परिभाषा से बाहर नहीं निकाला गया है। पीठ ने स्पष्ट किया है कि एलएमवी कीश्रेणी में 7500 किलोग्राम वजन वाले वाहन शामिल हैं।
इसमें परिवहन वाहन और ओमनी बस ही नहीं बल्कि ट्रैक्टर या रोड रोलर भी शामिल है अगर भाररहित उनका वाहन 7500 किलोग्राम से अधिक न हो। एलएमवी लाइसेंस धारकों को इस श्रेणी के वाहनों को चलाने के लिए पूर्व इजाजत लेने की दरकार नहीं है।