आरोपियों की संपत्तियों को ध्वस्त करने के खिलाफ याचिकाओं पर सितंबर में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि वह मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य द्वारा दायर उन याचिकाओं पर सितंबर में सुनवाई करेगा, जिनमें विभिन्न राज्य सरकारों को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि दंगे और हिंसा के मामलों में आरोपियों की संपत्तियों को ध्वस्त न किया जाए। न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने इन याचिकाओं पर सुनवाई की। याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने पीठ से कहा कि इस मुद्दे पर कानून को स्पष्ट किया जाना चाहिए क्योंकि अब कानून की परवाह किए बिना लोगों के घरों को तोड़ने का यह देश भर में चलन बन चुका है।