सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 14 वकीलों को बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव पर गौर करने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाले कॉलेजियम की मंगलवार को बैठक हुई। शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड किए गए एक बयान में यह जानकारी दी गई है। कॉलेजियम ने जिन वकीलों को न्यायाधीश नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है उनमें वकील नंदेश शंकरराव देशपांडे, अमित सत्यवान जामसांडेकर, आशीष सहदेव चव्हाण, वैशाली निंबाजीराव पाटिल-जाधव, अबासाहेब धर्मजी शिंदे और फरहान परवेज दुबाश शामिल हैं। एक अलग बयान में कहा गया कि कॉलेजियम ने वकील सिद्धेश्वर सुंदरराव थोम्ब्रे, मेहरोज अशरफ खान पठान, रंजीतसिंह राजा भोंसले, संदेश दादासाहेब पाटिल, श्रीराम विनायक शिरसाट, हितेन शामराव वेनेगावकर, रजनीश रत्नाकर व्यास और राज दामोदर वाकोडे को भी बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
सुप्रीम कोर्ट ने डीईआरसी नियुक्तियों पर दिल्ली सरकार को याचिका वापस लेने की दी अनुमति
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) में अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियों से संबंधित याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने सोमवार को यह आदेश पारित किया। अदालत ने कहा, याचिकाकर्ता (दिल्ली सरकार) के वकील ने याचिका वापस लेने का आवेदन दाखिल किया है। इसलिए यह अनुमति दी जाती है और याचिका वापस ले ली गई मानी जाएगी। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता ने अदालत को आश्वस्त किया कि जब तक नियमित नियुक्तियां कानूनी प्रक्रिया के अनुसार नहीं हो जातीं, तब तक मौजूदा प्रो टेम सदस्य कार्यरत रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित नियुक्तियों की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। गौरतलब है कि नवंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने दो प्रो टेम सदस्यों की नियुक्ति के लिए तीन सदस्यीय चयन समिति का गठन किया था। यह याचिका 2023 में आम आदमी पार्टी नेतृत्व वाली तत्कालीन दिल्ली सरकार ने दायर की थी।