केंद्र ने 13 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय के कोलेजियम के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसमें न्यायमूर्ति चंद्रन को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई थी।
भारत के प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना ने गुरुवार को पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के. विनोद चंद्रन को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति चंद्रन को 29 मार्च, 2023 को पटना उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। न्यायमूर्ति चंद्रन के शपथ ग्रहण के साथ ही शीर्ष न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है, जबकि स्वीकृत संख्या 34 है जिसमें मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं।
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केंद्र ने 13 जनवरी को सर्वोच्च न्यायालय के कोलेजियम के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसमें न्यायमूर्ति चंद्रन को सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई थी। प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना की अगुवाई में पांच न्यायाधीशों के कोलेजियम ने सात जनवरी को हुई बैठक में न्यायमूर्ति चंद्रन के नाम की सिफारिश की, जिन्हें आठ नवंबर, 2011 को केरल उच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
इस बीच मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तेलंगाना हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में चार न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 11 जनवरी को हुई बैठक में कॉलेजियम ने रेणुका यारा, नरसिंह राव नंदीकोंडा, तिरुमाला देवी ईडा और मधुसूदन राव बोब्बिली रामैया के नामों को मंजूरी दी। एक अन्य फैसले में कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारियों -अवधनाम हरि हरनाधा सरमा और डॉ. यादवल्ली लक्ष्मण राव को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने को भी मंजूरी दी।
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कांग्रेस ने उपासना स्थल कानून के खिलाफ दायर मामलों में सुप्रीम कोर्ट से की दखल की मांग
कांग्रेस ने उपासना स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 की वैधता के खिलाफ दायर मामलों में दखल की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। यह अधिनियम धार्मिक स्थलों के चरित्र को उसी रूप में बनाए रखता है, जैसा वे 15 अगस्त 1947 को थे।
टाइगर रिजर्व के प्रबंधन के लिए देश में एक समान नीति की आवश्यकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को पूरे देश में बाघ अभयारण्यों के प्रबंधन के लिए एक समान नीति की वकालत की। उत्तराखंड में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से संबंधित मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि वह अखिल भारतीय स्तर पर एक समान नीति चाहती है। पीठ ने कहा कि नीति में बाघ अभयारण्यों के अंदर वाहनों की आवाजाही के पहलू को भी शामिल किया जाना चाहिए। जस्टिस गवई ने हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट की ओर से एक घटना पर स्वत: संज्ञान लिए जाने का उल्लेख किया, जिसमें पर्यटकों को ले जा रहे सफारी वाहनों ने महाराष्ट्र के उमरेड-पौनी-करहांडला अभयारण्य में एक बाघिन और उसके शावकों की आवाजाही में बाधा डाली थी। इस मामले में न्याय मित्र के रूप में शीर्ष अदालत की सहायता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता के परमेश्वर ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में अवैध निर्माण और पेड़ों की कटाई के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा की गई जांच का हवाला दिया। पीठ ने कहा कि उसने मामले में सीबीआई की रिपोर्ट देखी है। उत्तराखंड सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने पीठ को टाइगर रिजर्व में पेड़ों की अवैध कटाई और अवैध निर्माण में कथित रूप से शामिल अधिकारियों के खिलाफ शुरू की गई विभागीय जांच की स्थिति के बारे में बताया। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
राजस्थान जल जीवन मिशन योजना: सुप्रीम कोर्ट ने धनशोधन मामले में आरोपी को दी जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राजस्थान की जल जीवन मिशन योजना में कथित धनशोधन मामले के एक आरोपी पद्मचंद जैन को जमानत दी। जल जीवन मिशन केंद्र सरकार ने शुरू की थी, जिसका उद्देश्य घरों में नल कनेक्शन से स्वच्छ और पर्याप्त पीने का पानी प्रदान करना है। राजस्थान में यह योजना राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियंता विभाग (पीएचई) द्वारा लागू की गई थी।
बीसीआई अध्यक्ष के चुनाव की चुनौती याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के बिहार से राज्यसभा चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटेश्वर सिंह की बेंच ने याचिका को खारिज किया। याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के 7 अक्तूबर 2024 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता अमित कुमार दिवाकर पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। अमित कुमार दिवाकर एक वकील हैं।
सेवानिवृत्त सहायक प्रोफेसर की अवमानना अर्जी पर होगी सुनवाई
मध्य प्रदेश के एक सेवानिवृत्त सहायक प्रोफेसर की अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता ने मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव अनुपम राजन को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।