फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court: धोखाधड़ी मामले में बिहार के बैंक अधिकारियों के खिलाफ फिर चलेगा मुकदमा, सुप्रीम कोर्ट का आदेश

Fri, 06 Jun 2025 07:57 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट (फाइल) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार के एक बैंक के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के एक मामले में कार्यवाही को फिर से शुरू करने का आदेश दिया है। आरोप है कि बैंक के अधिकारियों ने ऋण के लिए गिरवी रखे गए सोने के आभूषण ग्राहकों को वापस नहीं किए।

विज्ञापन


जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी। एक व्यापारी ने अपील दायर कर पटना हाईकोर्ट के नवंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने बैंक अधिकारियों की ओर से दायर याचिका को स्वीकार करते हुए सितंबर 2023 में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द कर दी थी।

ये भी पढ़ें: 'महिला जज की चाइल्ड केयर लीव पर पुनर्विचार करें...', सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को दिया निर्देश
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह सही है कि शिकायतकर्ता ने ऋण की रकम चुकाई, लेकिन उसमें काफी देरी हुई। हालांकि, जब ऋण चुका दिया गया, तो समझ में नहीं आता कि सोने का दोबारा मूल्यांकन क्यों किया गया और उसे नीलाम क्यों किया गया। बेंच ने हाईकोर्ट की उस टिप्पणी पर सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि शिकायतकर्ता ने ऋण लेने की पूरी प्रक्रिया गलत इरादे से की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि यह नतीजा कैसे निकाला गया, क्योंकि किसी व्यक्ति के इरादे का आकलन केवल सबूतों के आधार पर किया जा सकता है। 

शिकायतकर्ता एक कारोबारी है, जिसने जुलाई 2020 में 7.70 लाख रुपये का ऋण लिया था। इसके बदले उसने 254 ग्राम 22 कैरेट के सोने के आभूषण गिरवी रखे थे। उसका दावा है कि उसने मार्च 2023 में ब्याज समेत पूरा ऋण चुका दिया, लेकिन बैंक ने सोने का दोबारा मूल्यांकन करवाया और मूल्यांकन शुल्क के तौर पर 1,500 रुपये काट लिए। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने कई बार सोना वापस लेने की कोशिश की, लेकिन बैंक ने कोई जवाब नहीं दिया।

ये भी पढ़ें: जी-7 सम्मेलन में हिस्सा लेने कनाडा जाएंगे पीएम मोदी, प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने फोन कर दिया न्योता

बेंच ने गौर किया कि बैंक ने अपनी रकम वसूलने के लिए सोने का दोबारा मूल्यांकन कराया। इस बार किसी अलग मूल्यांकन करने वाले ने सोने को नकली बताया। बैंक का कहना है कि जो सामग्री गिरवी रखी गई थी, वह असली सोना नहीं थी, बल्कि ऊपर से सोने की परत चढ़ी हुई धातु थी।

विज्ञापन

भाजपा कार्यकर्ता हत्या मामला: कर्नाटक के पूर्व  मंत्री विनय कुलकर्णी की जमानत रद्द  
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2016 में भाजपा कार्यकर्ता योगेश गौड़ा की हत्या से जुड़े मामले में कर्नाटक के पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी को मिली जमानत रद्द कर दी। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने यह आदेश देते हुए कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि कुलकर्णी ने या तो गवाहों से संपर्क करने की कोशिश की या फिर उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की।

पीठ ने कहा, सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि कुलकर्णी को दी गई जमानत रद्द की जानी चाहिए। इसलिए अभियुक्त नंबर 15 को दी गई जमानत रद्द की जाती है। सुप्रीम कोर्ट ने कुलकर्णी को आदेश दिया है कि वह शुक्रवार से एक सप्ताह के भीतर संबंधित निचली कोर्ट या जेल प्रशासन के समक्ष आत्मसमर्पण करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें