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SC: सुप्रीम कोर्ट में प्रज्ज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका खारिज; दिल्ली दंगे मामले में गुलफिशा फातिमा को भी झटका

Mon, 11 Nov 2024 08:56 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
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उच्चतम न्यायालय ने दुष्कर्म और यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे जनता दल (सेक्युलर) के पूर्व सांसद प्रज्ज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका खारिज कर दी। इसके अलावा एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकर्ता गुलफिशा फातिमा की जमानत याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। मामला 2020 में हुए दिल्ली दंगों से जुड़ा है। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट से 25 नवंबर को उनकी याचिका पर सुनवाई करने को कहा।

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प्रज्ज्वल रेवन्ना - फोटो : अमर उजाला
पूर्व सांसद प्रज्ज्वल रेवन्ना को झटका
सुप्रीम कोर्ट ने प्रज्ज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने याचिका खारिज की और कहा कि रेवन्ना बहुत ही प्रभावशाली व्यक्ति हैं। रेवन्ना के अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि मामले में आरोपपत्र दाखिल किया गया है और शुरुआती शिकायत में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 नहीं थी। पीठ ने कहा कि वह रेवन्ना को जमानत देने से इनकार करने वाले कर्नाटक उच्च न्यायालय के 21 अक्तूबर के आदेश में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। रेवन्ना के खिलाफ यौन शोषण एवं उत्पीड़न के चार मामलों की जांच कर रहे कर्नाटक के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अगस्त में 2,144 पृष्ठों का आरोपपत्र दाखिल किया था।

Supreme Court - फोटो : PTI
छात्र कार्यकर्ता की जमानत याचिका पर विचार करने से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2020 में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के पीछे बड़ी साजिश के मामले में छात्र कार्यकर्ता गुलफिशा फातिमा की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में चार साल और सात महीने से हिरासत में है। फातिमा सहित कई अन्य लोगों पर आतंकवाद रोधी कानून- गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिन पर दंगों के मुख्य षड्यंत्रकारी होने का आरोप है। इन दंगों में कम से कम 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस संजीव खन्ना (फाइल) - फोटो : एएनआई / सुप्रीम कोर्ट वेबसाइट
CJI संजीव खन्ना ने न्यायिक कार्यवाही शुरू की
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने भारत के प्रधान न्यायाधीश के रूप में अपने कार्यकाल के पहले दिन सोमवार को न्यायिक कार्यवाही शुरू की और शुभकामनाएं देने के लिए वकीलों को धन्यवाद दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक संक्षिप्त समारोह में न्यायमूर्ति खन्ना को 51वें प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के अलावा उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और पूर्व प्रधान न्यायाधीश जे. एस. खेहर मौजूद थे। दोपहर बाद न्यायमूर्ति संजय कुमार के साथ अदालत कक्ष संख्या एक में एकत्रित हुए वकीलों से प्रधान न्यायाधीश ने कहा, धन्यवाद।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की प्रशांत किशोर की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने 13 नवंबर को होने वाले बिहार उपचुनाव को स्थगित करने की प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की याचिका खारिज कर दी।
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महिला को हिरासत में प्रताड़ित करने की मामले की जांच सीबीआई से कराने पर रोक

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के आरजी कर दुष्कर्म हत्याकांड के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार महिला को कथित हिरासत में प्रताड़ित करने के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने के आदेश पर रोक लगा दी। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार से पांच महिलाओं सहित सात भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों की सूची देने को कहा, जिन्हें हिरासत में यातना मामले की जांच के लिए नए विशेष जांच दल (एसआईटी) में शामिल किया जा सकता है। यह आदेश पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा दायर अपील पर पारित किया गया। इसमें कहा गया था कि उच्च न्यायालय ने गलती से सीबीआई जांच का आदेश पारित कर दिया था और राज्य पुलिस जांच करने में सक्षम थी।
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