फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Supreme Court Updates: फोन टैपिंग मामले में पूर्व IPS प्रभाकर राव को राहत, सुप्रीम कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत

Tue, 10 Mar 2026 08:15 PM IST
Rahul Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : ANI
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तेलंगाना के पूर्व स्पेशल इंटेलिजेंस ब्यूरो (एसआईबी) प्रमुख और पूर्व आईपीएस अधिकारी टी. प्रभाकर राव को फोन टैपिंग मामले में अग्रिम जमानत दे दी। न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने यह राहत प्रदान की। अदालत ने कहा कि आरोपी को पहले दी गई अंतरिम सुरक्षा को अब स्थायी कर दिया जाता है और इसी के साथ अपील का निपटारा किया जाता है।
विज्ञापन


इससे पहले 19 दिसंबर को शीर्ष अदालत ने प्रभाकर राव की पुलिस हिरासत 25 दिसंबर तक बढ़ा दी थी। अदालत ने कहा था कि पूछताछ पूरी होने के बाद 26 दिसंबर को उन्हें रिहा किया जाएगा और अगली सुनवाई तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बाद 16 जनवरी को अदालत ने मामले की सुनवाई 10 मार्च को तय करते हुए तब तक के लिए उन्हें मिली अंतरिम सुरक्षा बढ़ा दी थी।

मंगलवार को सुनवाई के दौरान तेलंगाना सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत को बताया कि मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और आने वाले दिनों में पूर्व आईपीएस अधिकारी के खिलाफ अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल किया जाएगा। प्रभाकर राव ने अदालत को बताया कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और अदालत के सभी निर्देशों का पालन किया है। उन्होंने तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। इससे पहले 22 मई को हैदराबाद की एक अदालत ने फोन टैपिंग मामले में प्रभाकर राव के खिलाफ उद्घोषणा आदेश जारी किया था।
विज्ञापन


दिव्यांग कैडेट्स को लाभ पर फैसला नहीं हुआ तो रक्षा और वित्त सचिव को तलब करेंगे: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अगर रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय सैन्य प्रशिक्षण के दौरान घायल या दिव्यांग हुए कैडेट्स को आर्थिक लाभ देने पर फैसला नहीं लेते, तो कोर्ट रक्षा सचिव और वित्त सचिव को तलब कर सकता है।

न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ उस स्वतः संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी, जो प्रशिक्षण के दौरान चोट या दिव्यांगता के कारण बाहर किए गए कैडेट्स की समस्याओं से जुड़ा है। कोर्ट ने कहा कि संबंधित मंत्रालयों को पहले ही पर्याप्त समय दिया जा चुका है। यदि इस मामले में कोई प्रगति नहीं होती है, तो वह रक्षा सचिव और वित्त सचिव को अदालत में पेश होने का निर्देश देने को मजबूर होगी।



कोविड टीकाकरण के प्रतिकूल असर पर मुआवजा नीति बनाए केंद्र : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को कोविड टीकाकरण के बाद गंभीर प्रतिकूल घटनाओं के लिए दोषरहित मुआवजा नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विक्रम नाथ एवं जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा, टीकाकरण के बाद प्रतिकूल घटनाओं की निगरानी के लिए मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।

जस्टिस नाथ ने कहा, टीकाकरण के बाद की प्रतिकूल घटनाओं के वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए अलग से किसी विशेषज्ञ निकाय की जरूरत नहीं है। पीठ ने स्पष्ट किया, उसके इस फैसले से किसी भी व्यक्ति को कानून में उपलब्ध अन्य उपायों का सहारा लेने से नहीं रोका जा रहा।

पीठ ने कहा, दोषरहित मुआवजा नीति निर्माण को भारत सरकार या किसी अन्य प्राधिकरण की ओर से किसी भी दायित्व या गलती की स्वीकारोक्ति नहीं माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला उन याचिकाओं पर आया, जिनमें से एक में आरोप था कि 2021 में कोविशील्ड टीके की पहली खुराक लेने के बाद दो महिलाओं की मृत्यु हो गई थी।

सोनम वांगचुक के भाषणों के वीडियो देखेगा कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह जेल में बंद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के भाषणों के वीडियो देखेगा और उनकी पत्नी गीतांजलि जे एंग्मो की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका पर 17 मार्च को अंतिम सुनवाई करेगा। जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने कहा कि न्यायाधीश बृहस्पतिवार को यह वीडियो देखेंगे और उन्होंने रजिस्ट्रार से स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने को कहा।

जस्टिस कुमार ने कहा, पहले हम अलग-अलग वीडियो देखेंगे और फिर दोनों जज एक साथ वीडियो देखेंगे। केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख प्रशासन की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने बताया कि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता अस्वस्थ हैं। उन्होंने मामले में सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया है। एंग्मो की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि मामले में बार-बार स्थगन से देश में गलत संदेश जा रहा है। पीठ ने कहा कि मामले को अगले मंगलवार (17 मार्च) को अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर रही है और यह स्पष्ट कर दिया कि उस दिन जो भी हो, अदालत अपना फैसला सुरक्षित रखेगी।
विज्ञापन

नेहा राठौर को गिरफ्तारी से राहत

सुप्रीम कोर्ट ने लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को उस मामले में गिरफ्तारी से राहत दे दी, जिसमें उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है। जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदूरकर की पीठ ने अंतरिम संरक्षण को स्थायी करते हुए कहा कि राठौर जांच में पूरा सहयोग करेंगी। राज्य की ओर से बताया गया कि कोर्ट के पहले के निर्देश के अनुसार राठौर जांच अधिकारी के सामने पेश हो चुकी हैं और उनका बयान दर्ज किया जा चुका है।

राठौर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। एफआईआर के अनुसार, पहलगाम आतंकी हमले के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर कथित रूप से आपत्तिजनक और भारत विरोधी पोस्ट किए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें