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Supreme Court Updates: बिहार विधान परिषद से निष्कासित रामबली की याचिका पर सुनवाई, SC ने सचिवालय से मांगा जवाब

Tue, 03 Sep 2024 05:26 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

राजद नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के खिलाफ आपत्तिजनक बयान जारी कर कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण रामबली सिंह को 6 फरवरी, 2024 को अयोग्य घोषित कर दिया गया था। आरजेडी के तत्कालीन उप मुख्य सचेतक सुनील कुमार सिंह की तरफ से पिछले साल 2 नवंबर को दायर याचिका का निपटारा करते हुए अयोग्यता आदेश पारित किया गया था।
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Supreme Court - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने एमएलसी के रूप में अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती देने वाली आरजेडी नेता रामबली सिंह की याचिका पर बिहार विधान परिषद से जवाब मांगा है। मामले में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने बिहार विधान परिषद, उसके सचिव और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर रामबली सिंह की याचिका पर जवाब मांगा है। वहीं अब इस मामले में पीठ ने 25 अक्टूबर को फिर सुनवाई करने की तारीख तय की है।
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शीर्ष अदालत अधिवक्ता ब्रजेश कुमार के माध्यम से दायर रामबली सिंह की अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पटना उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें अयोग्य ठहराए जाने के खिलाफ उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी। उच्च न्यायालय ने रामबली सिंह की याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने आचरण से स्वेच्छा से अपनी राजनीतिक पार्टी छोड़ दी है और इसलिए उन्हें अयोग्य ठहराया जा सकता है।

रामबली सिंह 29 जून, 2020 को विधान परिषद के सदस्य चुने गए थे और उनका छह साल का कार्यकाल 28 जून, 2026 को समाप्त होना था।

केंद्र से पूछा-क्या राजनयिक पैकेज की जांच कर सकती है सरकार
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र से जानना चाहा कि क्या राजनयिकों के सामान की जांच की जा सकती है या उन्हें तलाशी से छूट हासिल है। शीर्ष अदालत 2020 के केरल सोना तस्करी मामले को केरल से कर्नाटक स्थानांतरित करने की ईडी की याचिका पर सुनवाई कर रही है। इस मामले में ईडी ने स्वप्ना सुरेश को प्रमुख आरोपी बनाया है। जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से यह सवाल किया, जिन्होंने इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए समय मांगा। पीठ ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद तय की। एएसजी ने कहा, प्रथम दृष्टया, यदि इसका इस्तेमाल किसी अपराध के लिए किया जाता है तो यह राजनयिक सामग्री नहीं रह सकती। ईडी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि आरोपियों और केरल सरकार के शीर्ष अधिकारियों व पदाधिकारियों के बीच गहरी सांठगांठ है।  

मामले की प्रमुख आरोपी तिरुवनंतपुरम में यूएई वाणिज्य दूतावास की पूर्व कर्मचारी स्वप्ना सुरेश को एनआईए ने 11 जुलाई, 2020 को बंगलूरू से एक अन्य आरोपी संदीप नायर के साथ हिरासत में लिया था। एनआईए, ईडी और सीमा शुल्क विभाग ने 5 जुलाई, 2020 को तिरुवनंतपुरम हवाईअड्डे पर यूएई वाणिज्य दूतावास के राजनयिक सामान से 15 करोड़ के सोने की जब्ती के साथ मामले का भंडाफोड़ किया था।
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चार बर्खास्त महिला जज बहाल, मप्र हाईकोर्ट ने शीर्ष कोर्ट को दी जानकारी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की रजिस्ट्री ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि असंतोषजनक कामकाज की वजह से सेवा से बर्खास्त चार महिला सिविल जजों को बहाल कर दिया गया है। शीर्ष कोर्ट ने जनवरी में मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से छह महिला जजों को बर्खास्त किए जाने के मामले पर स्वत: संज्ञान लिया था। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ को बताया गया कि हाईकोर्ट की पूर्ण बैठक में छह न्यायिक अधिकारियों में से चार की बर्खास्तगी रद्द करने और एक वर्ष की परिवीक्षा के साथ दीवानी न्यायाधीश जूनियर डिवीजन के तौर पर पदस्थ करने का फैसला लिया गया था। जिन न्यायाधीशों के बर्खास्तगी के आदेश को रद्द किया गया है उनमें ज्योति वरखडे, सोनाक्षी जोशी, प्रिया शर्मा और रचना अतुलकार जोशी शामिल हैं।
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