सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गुलबर्ग सोसाइटी फंड गबन मामले में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की अपने बैंक खातों को रद्द करने की मांग की याचिका को खारिज कर दिया है।
बताते चलें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (6 दिसंबर) को तीस्ता सीतलवाड़ और अन्य के खिलाफ जांच को मंजूरी दी थी। इन पर 2002 के गोधरा दंगों के बाद झूठे सबूत गढ़ने का आरोप है। सीतलवाड़ और उनके एनजीओ सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस ने अपने सहयोगी रईस खान पठान और अन्य के खिलाफ जांच के मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को बरकरार रखने के हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।
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Supreme Court today dismissed Teesta Setalvad's petition seeking to defreeze her bank accounts in Gulbarg Society fund embezzlement case.— ANI (@ANI) December 15, 2017
अपील के लंबित रहने के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 2 सितंबर 2011 को हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे दे दिया था। हाईकोर्ट ने नरोदा गाम दंगा मामले में झूठे सबूत गढ़ने के आरोप में पठान और अन्य के खिलाफ जांच को स्वीकृति दी थी। जस्टिस अरुण मिश्रा और जस्टिस एमएम शांतनगौदर ने याचिका खारिज करते हुए उन्हें निचली कोर्ट में अपील करने की छूट दी थी। माना जा रहा था कि याचिका के खारिज होने से हाईकोर्ट के आदेश का लगा स्टे भी समाप्त हो गया और अब इस मामले में जांच हो सकती है।