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SC: 'बिना जांच के मौजूदा मंत्री और विधायकों के खिलाफ कोई मामला वापस न लें'; तमिलनाडु सरकार से सुप्रीम कोर्ट

Wed, 06 Aug 2025 11:45 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार से कहा कि बिना जांच के मौजूदा मंत्री और विधायकों के खिलाफ कोई भी मामला वापस न लिया जाए। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने तमिलनाडु में मौजूदा मंत्रियों के खिलाफ लंबित मुकदमों को राज्य से बाहर स्थानांतरित करने की मांग वाली एक जनहित याचिका पर राज्य सरकार से इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने को कहा।

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पीठ ने चेन्नई के एक वकील की जनहित याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें तमिलनाडु में मौजूदा मंत्रियों के खिलाफ लंबित मुकदमों को राज्य से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता के दावों के अनुसार, कुछ राज्य मंत्रियों/राजनेताओं के खिलाफ अभियोजन के लिए दी गई मंजूरी राजनीतिक प्रेरणाओं के कारण एजेंसियों द्वारा वापस ले ली गई थी और अभियोजन एजेंसियां भी भारी दबाव में थीं। वरिष्ठ अधिवक्ता अमित आनंद तिवारी राज्य की ओर से पेश हुए और आरोप लगाया कि याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि, पीठ ने कहा कि राज्य याचिकाकर्ता को नहीं, बल्कि अदालत को संतुष्ट करने के लिए हलफनामा दायर करेगा।

वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस नायडू याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं, जहां जांच पूरी होने से पहले ही मंजूरी वापस ले ली गई। उन्होंने ऐसे मामलों में न्यायिक निगरानी की मांग की। याचिकाकर्ता की ईमानदारी पर लगे आरोपों की पृष्ठभूमि में जस्टिस भुइयां ने नायडू से कहा, यह बीमारी केवल तमिलनाडु तक ही सीमित नहीं है, यह पूरे देश में है। अगर आप भानुमती का पिटारा खोलेंगे, तो यह आपके पास ही वापस आएगी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर तय की है।

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