राजनीति के अपराधीकरण को रोकने के लिए सितंबर 2018 में दिए गए फैसले की अवमानना याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बृहस्पतिवार को फैसला सुनाएगा। कोर्ट ने साल 2018 में राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण को रोकने के लिए दिए गए दिशा-निर्देश व उम्मदीवारों का अपराधिक रिकार्ड प्रकाशित कराने का आदेश लागू करने के आदेश दिए थे जिनका पालन नहीं किया जा रहा है।
मालूम हो कि 31 जनवरी को न्यायाधीश आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ ने अश्वनी उपाध्याय की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अश्वनी उपाध्याय ने मांग की थी कि राजनीतिक दलों को आपराधिक लोगों को चुनाव के टिकट देने से रोका जाए। इसके साथ ही उम्मीदवारों का आपराधिक रिकॉर्ड प्रकाशित कराने का आदेश लागू किया जाए।
कोर्ट निर्णय लेगा कि क्या राजनीतिक दलों को यह निर्देश दिए जा सकते हैं कि वह आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को टिकट न दें। अश्विनी कुमार की इस याचिका पर न्यायाधीश आरएफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ फैसला सुनाएगी। इस पीठ को सितंबर 2018 में गठित किया गया था।