स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर प्रतिबंध को लेकर विभिन्न याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने 13 अक्टूबर को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। इन याचिकाओं में केंद्र सरकार की वह याचिका है जो सरकार द्वारा समय-समय पर सिमी पर प्रतिबंध लगाने से संबंधित है।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने सोमवार को अनलॉफुल एक्टीविटीज(प्रीवेंशन) एक्ट के प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं से सिमी पर प्रतिबंध से संबंधित मामले को अलग करने का निर्णय लिया है। पीठ ने अनलॉफुल एक्टीविटीज(प्रीवेंशन) एक्ट से संबंधित मामले की सुनवाई अलग से नौ नवंबर को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट के जज न्यायमूर्ति सुरेश कैट की अध्यक्षता वाली अनलॉफुल एक्टीविटीज(प्रीवेंशन) ट्रिब्यूनल ने वर्ष 2014 में सिमी पर प्रतिबंध को वर्ष 2019 तक बढ़ाने केकेंद्र सरकार केनिर्णय को सही ठहराया था। मालूम हो कि वर्ष 2001 से लेकर अब तक ट्रिब्यूनल द्वारा प्रतिबंध के समय-समय पर आदेश को सिमी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
इसकेअलावा सुप्रीम कोर्ट ने याचिका दायर कर वर्ष 2008 में न्यायमूर्ति गीता मित्तल की अध्यक्षता वाले ट्रिब्यूनल केउस फैसले को चुनौती दी है जिसमें सिमी पर प्रतिबंध हटा लिया गया था। ट्रिब्यूनल ने कहा था कि अनलॉफुल एक्टीविटीज(प्रीवेंशन) एक्ट के तहत सिमी पर प्रतिबंध जारी रखने केपर्याप्त सबूत नहीं हैं। हालांकि एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल केआदेश पर रोक लगा दी थी।