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SC: अनुच्छेद 370 हटाने के खिलाफ दायर याचिकाओं पर आज से होगी सुनवाई, दो याचिकाकर्ताओं ने वापस ली याचिका

Wed, 02 Aug 2023 12:18 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ पांच सदस्यीय बेंच की अध्यक्षता करेंगे। बेंच में मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बीआई गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत शामिल होंगे।
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सुप्रीम कोर्ट। - फोटो : ANI
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विस्तार
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केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के विशेष दर्जे को निरस्त करने के खिलाफ लगाई गाई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगी। पांच अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया था। सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच अनुच्छेद 370 के खिलाफ दायर याचिकाओं पर बुधवार से रोजाना सुनवाई करेगी। 

दो दिन छोड़कर हर दिन सुनवाई

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ पांच सदस्यीय बेंच की अध्यक्षता करेंगे। बेंच में मुख्य न्यायाधीश के अलावा न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बीआई गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत शामिल होंगे। बता दें, सोमवार और शुक्रवार छोड़कर रोजाना मामले की सुनवाई की जाएगी। सोमवार और शुक्रवार को सिर्फ नई याचिकाओं की सुनवाई होती है न कि नियमित मामलों की। बेंच ने 11 जुलाई को विभिन्न पक्षों द्वारा लिखित प्रस्तुतियां और सुविधा संकलन दाखिल करने की समय सीमा 27 जुलाई तय की थी। 

दो याचिकाएं वापस
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, याचिकाकर्ता आईएएस अधिकारी शाह फैसल और एक्टिविस्ट शेहला रशीद ने मामले में सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिकाओं को वापस ले लिया था। याचिका वापस लेने पर सुप्रीम कोर्ट ने सहमित व्यक्त की और याचिकाकर्ताओं के रूप में उनके नाम हटा दिए।  बता दें, 2010 बैच के आईएएस अधिकारी फैसल अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में अव्वल आने वाले पहले कश्मीरी हैं। उन्हें संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने के बाद एक साल से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया था। केंद्र सरकार ने आर्टिकल 370 हटाने के बाद से जम्मू कश्मीर में आए बदलाव पर जवाब दाखिल किया है। हालांकि, इसे कोर्ट में दलील के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

अनुच्छेद 370 के फैसले को समझिए

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अनुच्छेद 370 को हटाया नहीं गया है, बल्कि उसके अंतर्गत जो प्रतिबंध थे, उन्हें हटाया गया है। मतलब इसके तहत कश्मीर को जो स्वायत्तता मिलती थी, जो अलग अधिकार मिलते थे, वे सब हट गए हैं। अब एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान, ये सब खत्म हो जाएंगे। अनुच्छेद 370 का खंड एक लागू रहेगा जो कहता है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।

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