यूपीआई मंचों पर एकत्रित होने वाले डाटा के इस्तेमाल को लेकर विनियमन जारी करने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 23 नवंबर को सुनवाई करेगा। सीजेआई एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन की पीठ ने शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य बिनय विस्वम की याचिका पर संज्ञान लेने के बाद तारीख दी है।
राज्यसभा सांसद बिनय विस्वम ने दाखिल की है याचिका
विस्वम ने कोर्ट से आरबीआई को विनियमन के लिए निर्देश देने की मांग की थी जिसमें तय हो कि इस डाटा का इस्तेमाल सिर्फ भुगतान के लिए किया जाए। भाकपा सांसद ने मांग की थी कि किसी भी यूपीआई मंच को उपभोक्ताओं का डाटा तीसरे पक्ष से साझा नहीं करने का निर्देश दिया जाए। भारत में यूपीआई भुगतान प्रणाली को विनियमित और उसकी निगरानी का जिम्मा आरबीआई और एनपीसीआई का है।
विस्वम ने याचिका में दलील दी थी कि आरबीआई और एनपीसीआई दोनों ही संस्थाएं डाटा सुरक्षा को लेकर अपनी जिम्मेदारी ठीक ढंग से नहीं निभा रही हैं। इन्होंने चार दिग्गज कंपनियों में से तीन गूगल इंक, अमेजन और फेसबुक/व्हाट्सएप को यूपीआई प्रणाली में भागीदारी की छूट दे रखी है।
इसमें बहुत अधिक जांच व निगरानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। याचिका में दलील दी गई कि आरबीआई और एनपीसीआई के इस रवैये से उपभोक्ताओं का संवेदनशील वित्तीय डाटा की सेंधमारी का खतरा बढ़ जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले 15 अक्तूबर को केंद्र, आरबीआई, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) और गूगल इंक, फेसबुक इंक, व्हाट्सएप और अमेजन इंक से भी जवाब मांगा था।