रोहतक के कबूलपुर गांव में परिवार के सात सदस्यों को जहर देकर हत्या करने वाली एक महिला की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। महिला ने प्रेमी के साथ मिलकर उस वारदात को अंजाम दिया था। मारे गए सदस्यों में एक बुजुर्ग व तीन बच्चे भी थे। सोनम नामक इस महिला को 16 अक्टूबर को फांसी दी जानी थी।
चीफ जस्टिस रंजन गोगई की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को हाईकोर्ट के फैसले की चुनौती देने वाली सोनम की याचिका पर सुनवाई करते हुए फांसी की सजा पर रोक लगा दी। पीठ ने सोनम की याचिका को उसके प्रेमी नवीन के मामले के साथ जोड़ दिया है। मामले के मुताबिक, सोनम और नवीन के बीच प्रेम-प्रसंग चल रहा था। एक ही गोत्र होने के कारण सोनम के घरवाले इस रिश्ते के खिलाफ थे।
जिसके बाद 14 सितंबर, 2009 को सोनम और नवीन ने षडयंत्र रचकर परिवार के सात सदस्यों को जहर देकर हत्या कर दी। वर्ष 2014 में निचली अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में हाईकोर्ट ने भी दोनों की फांसी की सजा बहाल रखी थी। प्रेमी नवीन ने पहले ही हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रखी है।