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Supreme Court: UGC इक्विटी नियमों पर 'सुप्रीम' रोक, गिरीराज सिंह बोले- विद्यार्थियों को मिली बड़ी राहत

Thu, 29 Jan 2026 03:49 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट  द्वारा यूजीसी के इक्विटी नियमों पर रोक लगाने के फैसले का केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कोर्ट के इस फैसले को भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए अहम बताया है। 
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केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह - फोटो : ANI
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विस्तार
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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 13 जनवरी से लागू यूजीसी के विवादित इक्विटी नियमों पर सुनवाई के बाद रोक लगा दिया। इसके साथ ही कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई पूरी होने और फैसला आने तक पुराने नियम को ही जारी करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश का मोदी 3.0 में कैबिनेट मंत्री गिरीराज सिंह ने स्वागत किया है।  
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'कोर्ट का हार्दिक आभार'
सुप्रीम कोर्ट के यूजीसी इक्विटी नियमों पर रोक लगाने के बाद गिरिराज सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'सनातन को बांटने वाले यूजीसी के नियम पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक लगाए जाने पर हार्दिक आभार। यह निर्णय भारत की सांस्कृतिक एकता और सनातन मूल्यों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण है। मोदी सरकार की पहचान सबका साथ, सबका विकास और सनातन की अखंड एकता की है।'  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का हार्दिक आभार। यूजीसी नियम पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रोक से देश के विद्यार्थियों, शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों को बड़ी राहत मिली है।'

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19 मार्च को होगी अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि नए नियम अस्पष्ट हैं। कोर्ट के कहा कि नए यूजीसी नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और यूजीसी के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।  
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कोर्ट ने केंद्र और यूजीसी से जवाब मांगा
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इन रिट याचिकाओं की सुनवाई की। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि हमें जातिविहीन समाज की ओर बढ़ना चाहिए या हम पीछे जा रह हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि क्या हम उल्टी दिशा में जा रहे। जिन्हें सुरक्षा चाहिए, उनके लिए व्यवस्था होनी चाहिए। इसी के साथ उन्होंने केंद्र और यूजीसी से जवाब मांगा है। साथ ही कहा है कि एक विशेष कमेटी भी बनाई जा सकती है। इसी के साथ नए नियमों की भाषा को स्पष्ट करने के लिए विशेषज्ञों की जरूरत पर भी जोर दिया। 

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