शीर्ष अदालत ने राज्यों के विधि सचिवों को कहा कि राज्य एवं जिला न्यायालयों को जो राशि मुहैया कराई जानी थी लेकिन जिसे दूसरी परियोजनाओं पर खर्च कर दिया गया, उसके बारे में भी हलफनामा देकर विस्तृत जानकारी दें।
देश की सर्वोच्च अदालत की ओर से राज्य सरकारों को उनके पास उपलब्ध केंद्र प्रायोजित योजनाओं के फंड और उनके द्वारा राज्य एवं जिला स्तरीय अदालतों पर किए गए खर्च की विस्तृत जानकारी मुहैया कराने को कहा गया है।
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शीर्ष अदालत ने राज्यों के विधि सचिवों को कहा कि राज्य एवं जिला न्यायालयों को जो राशि मुहैया कराई जानी थी लेकिन जिसे दूसरी परियोजनाओं पर खर्च कर दिया गया, उसके बारे में भी हलफनामा देकर विस्तृत जानकारी दें। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि विधि सचिवों को यह कवायद चार सप्ताह में पूरी करनी है।
पीठ ने मौखिक रूप से कहा, अभी के लिए हम जो कर सकते हैं, हाईकोर्ट और राज्यों को इस पर प्रतिक्रिया देने दें। और हम राज्यों से यह भी पूछेंगे कि उन्होंने कितना पैसा खर्च किया और पिछले पांच साल में केंद्र प्रायोजित योजनाओं से उन्हें न्यायपालिका के लिए कितना पैसा मिला है।
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शीर्ष अदालत नेशनल कोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम कमेटी की एक रिपोर्ट पर सुनवाई कर रही थी। कोर्ट ने सभी राज्यों के महा रजिस्ट्रार से राज्यों में अदालती आधारभूत ढांचे और न्यायिक अधिकारियों की संख्या के बारे में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज के नोट पर प्रतिक्रिया मांगी। नटराज मामले में केंद्र का पक्ष रख रहे थे।