सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों के वेतन-भत्ते और पेंशन बढ़ाने के मामले में 20 राज्यों द्वारा जवाब दाखिल नहीं करने पर हैरानी जताई है। दूसरे राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग ने इन अधिकारियों के वेतन बढ़ाने की अनुशंसा की थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले में और देरी होने पर मुख्य सचिवों को तलब किया जाएगा।
चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने वरिष्ठ वकील और अमाइकस क्यूरी पीएस नरसिम्हा के इन विधि अधिकारियों की मदद को अहम मामला बताने के बाद अटॉनी जनरल केके वेणुगोपाल को नोटिस जारी किया। पीठ ने कहा कि 20 राज्यों ने अब तक इस मामले में जवाब नहीं दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला अधीनस्थ न्यायपालिका के लिए बुनियादी महत्व का है और इसकी सुनवाई अनिश्चितकाल तक नहीं चल सकती। आयोग ने इस मामले में अंतिम रिपोर्ट इस साल 29 जनवरी को दाखिल की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस आयोग के अध्यक्ष जस्टिस पीवी रेड्डी का कार्यकाल भी बढ़ा कर अगले साल 31 जनवरी तक कर दिया है।