फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला किया रद्द: हसन से जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

Thu, 17 Feb 2022 01:15 AM IST
देव कश्यप एएनआई, नई दिल्ली

सार

सुप्रीम कोर्ट ने हसन लोकसभा क्षेत्र से जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जीत को चुनौती देने वाली याचिका पर फिर से विचार करने के लिए वापस कर्नाटक हाईकोर्ट को भेज दिया है। पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कर्नाटक के हसन लोकसभा क्षेत्र से जेडीएस सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया। दरअसल, 2019 के हसन लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में प्रज्वल रेवन्ना की जीत को जी देवराजेगौड़ा ने कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने देवराजेगौड़ा द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया था।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश की पीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली जी देवराजेगौड़ा की अपील को स्वीकार कर लिया है।अदालत ने कहा कि "उपरोक्त तर्क के साथ-साथ सिविल अपील संख्या 1774/2020 में हमारे फैसले को देखते हुए"  प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ ए मंजू की याचिका और प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ अन्य मामलो में दिनांक 13 दिसंबर, 2021 को निर्वाचित उम्मीदवार / प्रतिवादी से संबंधित हाईकोर्ट के आक्षेपित निर्णय को रद्द करते हैं और मामले को अन्य याचिका के साथ विचार के लिए वापस भेजते हैं।


अदालत ने स्पष्ट किया, "उपरोक्त शर्तों में अपील की अनुमति है।" कोर्ट ने कहा कि निर्विवाद रूप से चुनाव कानून प्रकृति में तकनीकी होने के कारण दोषों पर विचार करते हुए दलीलों का विस्तृत दृष्टिकोण नहीं ले सकता है।

विज्ञापन


प्रज्वल रेवन्ना ने 2019 में हासन लोकसभा क्षेत्र से जेडीएस और कांग्रेस के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता था। देवराजेगौड़ा ने याचिका में कहा कि उनकी चुनाव याचिका को हाईकोर्ट ने "प्रक्रियात्मक अनियमितताओं" को लेकर खारिज कर दिया था।

अपीलकर्ता देवराजेगौड़ा हासन जिले के कर्नाटक विकास कार्यक्रम निरीक्षण समिति के पूर्व सदस्य और कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व राज्य महासचिव होने के कारण प्रज्वल को मैदान में उतारने से व्यथित थे और परिणामस्वरूप उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने इस तथ्य पर विचार नहीं किया कि चुनाव याचिका को खारिज करने से संसद में एक ऐसे प्रतिनिधि के बने रहने का जोखिम होगा, जिसे अधिकतम वैध वोट नहीं मिले हैं। अपीलकर्ता ने दावा किया कि रेवन्ना को मिले वोट वैध नहीं हैं इसलिए, उन्हें संसद में सच्चा प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता है। अपीलकर्ता ने कर्नाटक हाईकोर्ट से चुनाव के परिणाम को शून्य घोषित करने की मांग की।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें