उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को किन्नरों के लिए कल्याणकारी बोर्ड के गठन का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिका को लेकर केंद्र और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब- तलब किया। याचिका में पुलिस द्वारा किन्नरों के कथित शोषण की रिपोर्टों की तेज जांच के लिए एक समिति गठित करने का भी आग्रह किया गया।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने मुंबई की एक संस्था की ओर से दायर याचिका की सुनवाई पर सहमति जताई। याचिका में कहा गया है कि किन्नरों के साथ भी अन्य लोगों की तरह सम्मान और गरिमा के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए।
दावा किया गया कि उनके साथ सदियों से भेदभाव हुआ और सामाजिक व सांस्कृतिक भागीदारी से वंचित रखा गया। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की वकील सीआर जया सुकिन ने कहा कि यह एक गंभीर विषय है और किन्नरों के सामाजिक कल्याण के मुद्दों को सुलझाने के लिए कल्याणकारी बोर्ड की आवश्यकता है।