पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम ने उच्चतम न्यायालय से 21-28 फरवरी के बीच फ्रांस जाने की इजाजत मांगी है। इस मामले पर अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को अपनी प्रतिक्रिया 28 जनवरी तक दाखिल करने को कहा है। सोमवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। जस्टिस गोगोई ने ईडी से अगले सोमवार तक कार्ति चिदंबरम की याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है।
इससे पहले 16 जनवरी को इस मामले पर उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई थी। गोगोई ने कार्ति चिदंबरम की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था, 'हमारे पास और भी काम हैं।' रिपोर्ट के मुताबिक कार्ति चाहते थे कि उनकी उस याचिका पर तुरंत सुनाई की जाए जिसमें विदेश यात्रा के लिए इजाजत की मांग की गई है। लेकिन कोर्ट ने ऐसा करने से मना कर दिया था।
बता दें कि नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति की विदेश यात्रा की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था, "कार्ति चिदंबरम का विदेश जाना उतना जरूरी नहीं है जिससे कि इसका असर अन्य प्रकरणों पर पड़े।" इस बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस केएम जोसेफ थे। रिपोर्ट के मुताबिक गोगोई ने तुरंत सुनवाई की मांग करने वाली कई याचिकाओं को खारिज किया है।
इससे पहले नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने कार्ति की विदेश यात्रा की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था, "कार्ति चिदंबरम का विदेश जाना उतना जरूरी नहीं है जिससे कि इसका असर अन्य प्रकरणों पर पड़े।" इस बेंच में सीजेआई रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस केएम जोसेफ थे। रिपोर्ट के मुताबिक गोगोई ने तुरंत सुनवाई की मांग करने वाली कई याचिकाओं को खारिज किया है।