सुप्रीम कोर्ट ने यौन अपराधों के संबंध में आपराधिक न्याय व्यवस्था के आकलन पर सख्ती दिखाते हुए स्वत: संज्ञान लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने जांच, सबूत इकट्ठा करने और मुकदमे सहित अन्य पहलुओं पर सभी राज्यों और उच्च न्यायालयों से सात फरवरी तक जवाब और स्थिति रिपोर्ट मांगी है।
कोर्ट ने मामले में सहयोग के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा को न्याय मित्र नियुक्त किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दुष्कर्म कानून के प्रावधानों को समग्रता से लागू करने के लिए उसे सूचना और स्थिति का मिलान करने की जरूरत है।
अदालत ने कहा कि निर्भया मामले ने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया, ऐसे मामलों में देरी के कारण प्रदर्शन और अशांति होती है, लोगों के मन में बेचैनी होती है और असहज भी महसूस करते हैं।